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शरीर में दिख रहे ये 10 लक्षण बड़ी बीमारी का संकेत ! देर होने से पहले पहचानिए

क्या आप को पता है हमारा शरीर इतना स्मार्ट है की अगर इसमें कोई भी इश्यूज या कमी आती है तो ये हमें तुरंत सिग्नल्स भेज देता है 

तो आज हम बात करेंगे 10 ऐसे सिग्नल्स की जो आप को कभी इग्नोर नहीं करने चाहिए 

अगर आप को ये सिग्नल दिखें तो तुरंत चौंकने हो जाएँ क्योंकि इलाज से बचाव बेहतर 

नींद में कमी (Neend ki kami ke nuksan)

जैसे एक मशीन को रेस्ट दिया जाता है ताकि वो बेहतर तरिके से और लम्बे समय तक काम करे वैसे ही हमारे शरीर को भी रेस्ट की जरूरत होती है 

जब हम सो जाते हैं तो हमारी बॉडी में रिकवरी का काम चल रहा होता है अगर डॉक्टरों की मानें तो एक व्यक्ति को कम से कम 7-8 घंटे की शुकुन भरी नींद लेनी ही चाहिए 

अगर कोई ऐसा नहीं करता तो उसे 

मूड स्विंग्स ,माइग्रेशन, खराब यादास्त, चिड़चिड़ापन हेयर फॉल , हार्मोनल इम्बैलेंस आदि जैसी बीमारियां हो सकती हैं

Neend ki kami ke nuksan

बाथरूम का बदलता कलर (Urine ka rang kaisa hona chahiye)

क्या आप को पता है आप के द्वारा त्यागा गया मल मूत्र भी आप स्वास्थ हैं या नहीं आप को बताता है (बाथरूम का बदलता कलर (Urine ka rang kaisa hona chahiye)

तो अगर आप अपनी पेशाब निम्न कलर की देखते हैं तो समझ जाएँ 

ट्रांसपेरेंट कलर– अगर आप का यूरिन ट्रांसपेरेंट है तो इसका मतलब ये है की आप जरूरत से ज्यादा पानी पी रहे हैं और जरूरत से ज्यादा कुछ भी ठीक नहीं होता। 

हल्के पीले से गहरा पीला रंग– यूरोक्रोम पिगमेंट के कारण यूरिन का कलर हल्के पीले से डार्क पीला नजर आता है।

जब आप पानी पीते हैं तो यह पिगमेंट डायल्यूट हो जाता है। यूरोक्रोम का निर्माण शरीर में हीमोग्लोबिन के टूटने के कारण होता है। 

कई बार खून में विटामिन डी की मात्रा अधिक होने के कारण भी यूरिन नियॉन कलर का नजर आता है। 

लाल और गुलाबी यूरिन- यूरिन का ऐसा कलर कई तरह की बीमारियों की और संकेत करता है जैसे बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, किडनी स्टोन, ब्लैडर या किडनी में ट्यूमर आदि। 

नारंगी कलर का यूरिन- अगर आपके यूरिन का रंग नारंगी कलर का है तो यह शरीर में डिहाईड्रेशन का संकेत देता है।  साथ ही ये पीलिया  का भी संकेत देता है। 

नीला और हरे रंग का यूरिन- यह आप को सचेत करता है किडनी और ब्लैडर से जुड़ी बीमारियों  से। 

स्यूडोमोनास एरुगिनोसा बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण भी यूरिन का कलर नीला, हरा या बैंगनी हो जाता है। 

डार्क ब्राउन यूरिन– यह इशारा करता है आप के लीवर संबंधी बीमारियों की तरफ। 

नाख़ून (Nakhun se bimari ki pahchan)

अगर आप के हाथ या पांव के नाखूनों में अजीब से लकीरें या दरारों जैसा कुछ पड़ रहा है या नाखूनों का कलर पीला पड़ रहा है तो शरीर अलार्म दे रहा है।  ध्यान रखें नाखूनों का कलर हमेशा लाल होना चाहिए। 

फैटी बॉडी (Body fat )

अगर अचानक आप का बॉडी फैट बढ़ गया है तो ये चिंता का विषय है इसका मतलब है की आप की बॉडी लीन टिश्यू से ज्यादा फैट टिश्यू बना रही है। 

जो आप की मांशपेशियों को नुकशान पहुंचा सकती है।  ऐसा कई हार्मोनल डिस्बैलेंस के कारण भी हो सकता है। 

मुँह की दुर्गन्ध (muh ki durgandh ke karan)

अगर आप के मुँह से दुर्गन्ध आना शुरू हो गया है तो इसका मतलब है की आप का इम्यून सिस्टम ढंग से काम नहीं कर रहा है।  ऐसे में तुरंत ही पोस्टिक खाना शुरू करें। 

Muh Ke cancer ka Lakshan

पैरों में सूजन (Peron men Sujan)

अगर आप के पैरों में सूजन बढ़ रही है और आप को कहीं चोट भी नई लगी है तो ये सूचक है की आप को थाइरोइड , किडनी या दिल से जुडी कोई बीमारी है।  ऐसे में तुरंत ही डॉक्टर को दिखाएँ। 

ड्राय लिप (hoton ka fatna)

अगर आप के होंठ फट रहे हैं और मौसम भी सही है तो ये संकेत है विटामिन्स की कमी का।  इसके लिए तरुंत अपने भोजन में सब्ज़ियाँ और फल ऐड करें। 

बॉडी टेम्प्रेचर (Hath per hmesha thnde rhna)

आमतौर पर मौसम के अनुसार हमारा बॉडी का टेम्प्रेचर बढ़ता या कम होता है।  पर अगर ये हमेशा ही ठंडा है यानी आप के हाथ पांव हमेशा ठंडे रहते हैं तो आप के शरीर में ब्लड सर्कुलेशन की समस्या है।  ऐसे में नियमित व्ययाम और खान पान पर ध्यान दें 

स्किन (Skin se bimari ki pahchan )

अगर आप के स्किन की क्वालिटी खराब हो रही है आप को कील मुँहासे निकल रहे हैं या लाल चकते हो रहे हैं तो ये सिग्नलन है की खून में इम्पुरिटी बढ़ रही है।

साथ ही शरीर में हार्मोनल लेवल इम्बैलेंस है। 

Skin Caner ke lakshan

इर्रेगुलर पीरियड्स (Periods )

इर्रेगुलर पीरियड्स अगर लड़कियों में पीरियड्स रेगुलर नहीं आ रहे हैं तो ये एक चिंता का विषय है।  इसकी कई वजह हो सकती हैं जिनमें मुख्य होती है शरीर में हार्मोनल इम्बैलेंस। 

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