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Boycott China dream vs. reality

किसी ने कहा की China का सामान है, कहाँ चल पायेगा । उन्हें कोरोना के बारे में बताओ की ये चीन की दी आफत देश को कहाँ ले जायेगा।क्या Boycott China सच में हो पायेगा dream vs. reality से स्वामी पर्दा उठाएगा। चलिए शुरू हैं “Boycott China dream vs. reality”।

 

अब एक नया दौर सा आया Boycott China करने का उपाय सब को भाया। हालात तो देखो चीन के बने “फ़ोन से ट्वीट (Tweet )” किये जा रहे हैं। ‘टिक टोक’ पे China के समान को जला के नए नए ख्याल दिए जा रहे हैं। कुछ को तो ये आईडिया इतना भाया चाइनीज़ खाने की दुकान को बंद कर के दिखाया होश तो तब आया जब अपनी ही दुकान पे ताला लगा पाया।

कुछ लोगों ने तो Boycott China के नाम पे “शी जिनपिंग” की जगह “किम जोंग “का पुतला भी जलाया। ये देख कर अमेरिका भी स्तबभ है, जो वो न कर सका वो “WhatsAPP यूनिवर्सिटी” में पढ़े लोगों ने कर दिखाया। समझ तो तब आया जब अगले दिन खुद को अख़बार में ऐसा करता पाया।

पर अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत, चले थे Boycott करने, पार्टी से Boycott हो के रह गए। समझ तब भी कुछ खास ना आया घर का समान तोड़ के देश वालों को जगाया । जब चमचमाता नया सामान घर पर आया, उसमे स्टीकर देखने का किसी ने ज़िमा ना उठाया। जो Boycott चीन बोल रहे थे वो ही नया समान ले आये डूबती चीन की अर्थव्यवस्था को कुछ नया योगदान पहुंचाया। Boycott करना है तो ऐसा करो की चीन को एक रुपया ना जाये पर अपने घर का पुराना सामान भी बच जाये।
 

देश के बड़े अर्थशात्री उभर के आये चीन के लिए टैक्स हो 300% ताकि उसको को उसकी औकात नज़र आये। ऐसा एक मैसेज हमें भी आया बड़े फक्र से हमने बिना सोचे समझे उसे आगे भिड़ाया। सामने से जो जवाब आया उसने मेरे स्वाभिमान को जगाया और मेने पता लगाया की हमारे आधे व्यवसाय चीन से आ रहे समान से चलते हैं। कई घरों में इसकी वजह से चूल्हे जलते हैं।

 

भारत चीन का लेखा जोखा

 

जो हराना है चीन को तो पहले देश में उत्पादन बढ़ाओ क्यों सस्ता है चीन ये तो कोई समझो और औरों को भी समझाओ ।
जो हराना है चीन को तो देश में चीन के समान जलाने की बजाय अपना समान बना के दिखाओ। “the world factory” का टैग उस से हटवाओ।
 

सोचो चीन तो चला जाएगा फिर नया सामान कहाँ से आएगा , किसी और पर निर्भर क्यों रहना ? क्यों न सब अपने देश में ही हो। हमारे पास चीन से ज्यादा अच्छे कारीगर हैं हुनर है बस जरूरत है तो सहारे की।

Boycott China नहीं मजबूत भारत की नीव रखते हैं, हम माँ भारती के बच्चे कहां ठहरते हैं। चलिए आ जाइये मैदान में Boycott China क्यों ? अपने देश को आसमान की ऊंचाइयों पे पहुंचाते हैं। थोड़ा अक्ल थोड़ा काम सीख के दिखलाते हैं। हम माँ भरती के बच्चे अपनी माँ को गगन की ऊंचाइयों पे पहुंचाते हैं। समय लगेगा पर कौन हमें रोक पायेगा। माँ भारती के आगे China क्या पूरा विशव शीष झुगायेगा। Boycott China नहीं हमारा भारत अपने हुनर पर पैसा लगाएगा। हम भारती बच्चे हमें कौन रोक पायेगा। Boycott China dream vs. reality हर बार भारत ही आगे आएगा ।