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कहीं ये कैंसर सिम्पटम्स आप को तो नहीं ? | Cancer kya hai ? |Cancer ke symptoms

cancer kya hai svamee
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Cancer kya hai ? आज एक पुरानी  पर एक बहुत खतरनाक बीमारी के बारे में हम चर्चा करेंगे cancer इस बिमारी को अमीरों की बिमारी भी कहा जाता है।  इसका कारण है इसमें लगने वाला खर्च।

आपने ध्यान दिया होगा बीते समय में बहुत से सेलेब्रेटी इस बिमारी से ग्रसित रहे हैं।  चाहे युवराज सिंह हों या सोनाली बेंद्रे हों।  कुछ ठीक हो गए और कुछ हमें छोड़ के चले गए।

अगर आप ध्यान देंगे तो जिन लोगों ने शुरआती लक्षणों से समझ लिया था की उन्हें कैंसर है वो मुख्य्तः इस बीमारी को हरा के बाहर आये हैं।

ऐसे में Svamee.com  पे हमारी कोशिश रहेगी की हम आप को जागरूक कर सकें। ताकि समय रहते आप इन बिमारियों को पहचानें और अपने और अपने चाहने वालों की जान बचा सकें।

तो चलिए समझते हैं की Cancer kya hai ? क्या होते हैं Cancer ke lakshan ?

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कैंसर क्या है ? Cancer kya hai ?

जैसे की आप को पता है हमारे शरीर की कोशिकाएं (सेल्स) लगातार टूटते रहते हैं और फिर जुड़ के नहीं कोशिकाओं का निर्माण करते हैं।

यह प्रकिया पुरे तरिके से शरीर के नियंत्रण में होती है।

पर जब भी कोई कोशिका शरीर के नियंत्रण के अनुसार कोशिकायें नहीं तोड़ती तो ये निरंतर बढ़ते जाते हैं।  इस तरह से कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने को कैंसर कहते हैं।

आगे चल के ये ग्रस्ति कोशिकाएं ट्यूमर (गांठ) के रूप में उभर आती हैं।

ध्यान रखें हर ट्यूमर (गाँठ ) में कैंसर वाले सेल्स नहीं होते।

तो कुल मिला के कैंसर एक बीमारी है जिसमें कोशिकाओं की वृद्धि अनियंत्रित और असामान्य दर से होती है।

तो अब समझते हैं कैंसर के कारण (Causes of Cancer) ताकि समय रहते आप इन्हें पहचान सकें और इन्हें दूर कर सकें।

कैंसर के कारण (Causes of Cancer)

कोशिकाओं के जीन में बदलाव से कैंसर की शुरुआत होती है। जीन में बदलाव अपने आप भी हो सकता है या फिर कुछ बाहरी कारक भी बदलाव का कारण बन सकते हैं।

– तम्बाकू या उस से बने प्रोडक्ट्स यूज़ करने से जैसे बीड़ी , सिगरेट आदि।

– दारू पीने से

– उल्टा सीधा खाना खाने से / जंक फ़ूड

– शरीर में हार्मोन की कमी या ज्यादा होने के कारण

– अनुवांशिक ( यदि आप के परिवार में किसी को पहले कैंसर था तो आप को इस बीमारी से ग्रसित होने के चांस बढ़ जाते हैं )

– लम्बे समय पराबैंगनी किरणों के सम्पर्क में  आने से

– बार बार एक्सरे की रेडिएशन के सम्पर्क में आने के कारण

– मोटापा

– स्ट्रेस

– प्लास्टिक के डब्बों पे खाना खाना या गर्म करना

कैंसर के लक्षण (Cancer ke symptoms)

अगर आप को भी हैं, ये लक्षण तो आप सतर्क हो जाएँ और तुरंत करें अपने डॉक्टर से सम्पर्क।

थकान (Cancer ke symptoms)

अगर आप हमेशा थका थका महशुश करते हैं तो ये ब्लड प्लेटलेट्स या लाल रक्त कोशिकाओं में गड़बड़ी होने के कारण हो सकता है।

इसके कारण आप की ल्यूकेमिया हो सकता है।

वजन में बदलाव (Cancer ke symptoms)

अगर आप का वजन बहुत जल्दी घट रहा है, या फिर बहुत जल्दी बढ़ रहा है वो भी बिना किसी वजह के।

तो आप को इसे नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए।  यह कोलोन कैंसर की चेतावनी हो सकती है।

साथ ही अगर आप ने इसे समय रहते नहीं देखा तो ये आगे चल के आप के पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है

साथ ही आगे चल के ये पाचन तंत्र के कैंसर में  भी परिवर्तित हो सकता है।

फोड़ा या गांठ (Cancer ke symptoms)

अगर आप की बॉडी पे फोड़ा या गांठ हैं, जो इलाज के बाद भी ठीक नहीं हो रही हैं, तो ये कैंसर का लक्षण हो सकता है।

खांसी और सीने में दर्द 

अगर आप को लगातार खांसी और आप के सीने में दर्द हो रहा है तो आप इसे नज़रअंदाज़ ना करें।

यह ल्यूकेमिया के साथ और भी कई प्रकार के कैंसर का कारण बन सकता है।

पेट दर्द

यह मुख्य्तः लड़कियों में पाए जाने वाले कैंसर की निशानी है। अगर आप के पेट निचले हिस्से में दर्द रहता है, साथ में सूजन और ऐंठन है तो ये गर्भाशय का कैंसर हो सकता है।

निप्पल में चैंजेस

अगर आप के निप्पल में अचानक बदलाव आये यानी उसका साइज बड़ा या छोटा हो जाये तो यह ब्रैस्ट कैंसर की निशानी हो सकती है।

निप्पल का एक तरफ मुड़ना या सपाट होना भी कैंसर के लक्षणों में शामिल है।

पीरियड्स

पीरियड के समय बहुत दर्द होना, असमय ही रक्त स्राव होना वैजाइनल कैंसर के लक्षण होते हैं।

पीरियड में अपने पार्टनर ख्याल रखें

मूत्र/मल में खून 

यदि आप के बाथरूम में या मल में खून आ रहा है तो आप को तुरंत डॉक्टर  दिखाना चाहिए।

यह ना सिर्फ कैंसर बल्कि और भी कई बिमारियों जैसे किडनी इन्फेक्शन आदि की निशानी/ संकेत होता है।

मुँह के छाले 

वैसे तो मुँह में छाले होना आम बात है। आमतौर पर यह २ हफ्ते में ठीक भी जो जाते हैं।

पर अगर यह काफी समय से हैं तो आप को तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।  इसके साथ ही अगर आवाज़ में बदलाव, बुखार आदि भी हैं तो इसे लम्बे समय तक इग्नोर ना करें।

भूक ना लगना

अगर हमेशा पेट भरा भरा सा रहे भूक ना लगे तो ये ओवेरियन कैंसर का लक्षण हो सकता है। अगर ऐसा कुछ लगे तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएँ।

नाखूनों में बदलाव

आप के नाख़ून भी कैंसर के बारे में आप को सचेत करते हैं।

अगर आप के नाख़ून पे काली या भूरी धारी या डॉट पड़े हों तो ये निशानी है की आप को डॉक्टर पे जाना चाहिए।

लाल चेहरा 

अगर आप के चेहरे पे सूजन वा चेहरा लाल हो जाता है तो ये लंग कैंसर की निशानी हो सकती है।

इसके अलावा भी अगर आप को कोई संकेत नज़र आता है तो आप तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएँ।

कैंसर कितने प्रकार होते हैं ? (Cancer kitne prakar ke hote hain )?

अब सवाल ये उठता है की कैंसर कितने प्रकार होते हैं ? (Cancer kitne prakar ke hote hain )?

वैसे तो कैंसर के काफी प्रकार होते हैं पर यहां हम कुछ मुख्य प्रकारों की बात करेंगे

ब्लड कैंसर 

यह सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर का प्रकार है।  इसमें शरीर में रक्त कोशिकाओं में कैंसर जन्म ले लेता है और इसकी वजह से शरीर में खून की कमी होने लगती है।

फेफड़ों का कैंसर

फेफड़ों के कैंसर में मरीज़ को साँस लेने में काफी परेशानी होती है , बलगम जमने लगता है , भूक कम हो जाती है, हड्डियों/ जोड़ों में दर्द होता है।

शरीर में कमज़ोरी का आभाष होता है।

स्किन कैंसर

ये समस्या आज कल बहुत ज्यादा बढ़ रही है।  इसका मुख्य कारण है गर्मी  और पोस्टिक भोजन का आभाव।

ब्रेन कैंसर

इसे ब्रेनट्यूमर के नाम से भी जाना जाता है।  इसमें व्यक्ति के दिमाग में गांठ बनने लगती है और समय के साथ बढ़ने लगती है फिर पुरे दिमाग में अपनी जगह बना लेती है।

स्तन कैंसर

यह महिलाओं में देखी जाने वाली एक प्रमुख समस्या है। इस बीमारी में महिलाओं के स्तन पे गांठ बन जाती है और ये समय के साथ बढ़ता जाता है।

मुंह का कैंसर

इस बीमारी में बीमार व्यक्ति के मुँह में घाव सा बनता है जो समय के साथ बढ़ता जाता है।  इसका मुख्या कारण है गुटका।

बोन कैंसर

कई बार हमें चोट लग जाती है और हम उसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं।  आगे चल के ये बोन कैंसर का कारण भी बन सकती है।

पेट का कैंसर

हम हमेशा कहते हैं

“जैसा खावे तन वैसा होवे मन”

पर क्या आप को पता है?

अगर आप अच्छा खाना  नहीं आप को पेट का कैंसर भी हो सकता है।  गलत खान पान के कारण पेट के किसी हिस्से में कोशिकाएं बढ़ जाती हैं जो कैंसर का कारण बन जाती है।

सर्वाइकल कैंसर

यह मुख्यतः महिलाओं में पाया जाने वाला कैंसर है। यह ब्रेस्ट कैंसर के बाद होता है। इसमें महिलाओं के गर्भाशय की कोशिकाएं अनियमित रूप से बढ़ती हैं।

ये आगे चल के कैंसर का कारण बन सकती है।

प्रोस्टेट कैंसर

यह मुख्यतः पुरुषों में होने वाले कैंसर का एक प्रकार है। यह पौरुष ग्रंथि को अपना शिकार बनाती है। इस तरह के कैंसर का एक नुकसान यह है की इसका पता बहुत देर से लगता है।

इस कारण ये काफी जानलेवा हो जाती है।  साथ ही एक रिपोर्ट की मानें तो इस बिमारी के बहुत से केसेस फ्यूचर में आने वाले हैं।

अब तक आप समझ ही गए होंगे की कैंसर कितने प्रकार होते हैं ? (Cancer kitne prakar ke hote hain )? और कौन से कैंसर मुख्यतः पाए जाते हैं?

तो आखिर पता कैसे चलता है की कैंसर कितना घातक है ? इसके लिए आप को पता होना चाहिए की कैंसर की स्टेज (Cancer ki stage ) क्या है ?

कैंसर की स्टेज (Cancer ki stage ) 

कैंसर के खतरे को देख के उसे 5 स्टेजेस में बाँटा जाता है। पर ऐसा जरूरी नहीं है की अगर आप लास्ट स्टेज पे हैं तो ही आप को डरना चाहिए कैंसर किसी भी स्टेज में जानलेवा हो सकता है।

तो अगर आप को कोई भी कैंसर के सिम्पटम्स दिख रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।

Cancer Stage 0 : कैंसर स्टेज 0 (Cancer ki stage 0)

यह कैंसर की सबसे पहली स्टेज होती है। इसे कार्सिनोमा इन सिटु (Carcinoma in situ) के नाम से जाना जाता है।

इस स्टेज में आप के शरीर में कैंसर के सेल बनने का खतरा शुरू होने लगता है।

Cancer Stage 1: कैंसर स्टेज 1 (Cancer ki stage 1)

इस स्थति को प्राइमरी कैंसर के नाम से भी जाना जाता है।  इस स्टेज में कैंसर के सेल्स आप की बॉडी में बनने शुरू हो चुके होते हैं।

पर अभी कैंसर (ट्यूमर ) बहुत छोटा होता है और जहां पे पन्पा होता है वहां से ज्यादा नहीं फैला होता।

Cancer Stage 2: कैंसर स्टेज 2 (Cancer ki stage 2)

स्टेज २ में कैंसर फैलना शुरू हो जाता है।

यह शरीर की बाकि कोशिकाओं को अपना शिकार बनाना शुरू कर देता है।  इस वजह से ट्यूमर बढ़ने लगता है और बड़ा हो जाता है।

Cancer Stage 3: कैंसर स्टेज 3 (Cancer ki stage 3 kya hai)

कैंसर स्टेज 3 में बेकाबू हो जाता है और बाकि शरीर में फेल चुका होता है।

Cancer Stage 4: कैंसर स्टेज 4 (Cancer ki stage 4 kya hai )

यह कैंसर की लास्ट स्टेज होती है।  खतरनाक और जानलेवा स्टेज है।  इस स्टेज में कैंसरस ट्यूमरशरीर के एक अंग से दूसरे अंग में फैलना शुरू हो जाता है।

इस स्टेज को सेकेंडरी और मेटास्टेटिक कैंसर (Secondary or Metastatic Cancer) के नाम से भी जानते हैं।

कैंसर से बचने के घरेलू उपाय (Cancer ke gharelu upay )

अब जब समझ ही गए हैं Cancer Stage kya hai ? तो अब बात करते हैं Cancer ke gharelu upay के बारे में।

हल्दी

कैंसर के इलाज में हल्दी सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसमें कैंसर रोधी गुण पाए जाते हैं।

यह कैंसर सेल्स करता है वा ट्यूमर की वृद्धि को रोकती है। साथ ही अगर आप कीमोथेरेपी ले रहे हैं तो हल्दी से इसका भी असर बढ़ जाता है।

ब्रोकली

ब्रोकली बहुत ही फायदेमंद होती है। इसे खाने से माउथ कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, लीवर कैंसर आदि खतरा कम हो जाती है।

आप हर रोज़ या सप्ताह में कुछ दिन ब्रोकली खा सकते हैं।

इसके लिए आप इसे उबाल के इसमें हल्का सा नमक डाल के खा सकते हैं।

ग्रीन टी

अगर आप नियमित ग्रीन टी का सेवन करते हैं तो ये ना सिर्फ मेटाबोलिज्म बढ़ाता है बल्कि कैंसर से लड़ने में भी मदद करता है।

ग्रीन टी के नियमित सेवन से ब्रेस्ट कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर से बचा जा सकता है।

कैंसर से बचने के लिए ग्रीन टी कब पियें।

जानें ग्रीन टी के फायदे

टमाटर

टमाटर में विटामिन A, C वा E पाया जाता है। अगर आप नियमित इनका सेवन करते हैं तो ब्रेस्ट कैंसर से बचा जा सकता है।

ब्लू बैरी

ब्लू बैरी खाने से आप स्किन, ब्रेस्ट और लीवर कैंसर से बच सकते हैं।

अदरक

अदरक शरीर में मौजूद टॉक्स‍िन्स को कम या खत्म करता है। इसके नियमित सेवन से स्किन कैंसर से बचा जा सकता है।

अनार जूस

अनार का जूस लंग कैंसर की ग्रोथ को रोकता है।अनार के जूस में पॉलीफेनॉल्स, आइसोफ्लैवोनेस और इलैजिक नामल एसिड पाए जाते हैं जो कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं।

साथ ही आप कुछ आदतों से अगर हाथ मिला लें तो भी आप कैंसर को हरा सकते हैं।

Lifestyle for High BP

-स्मोकिंग को कहें अलविदा
– फ़ास्ट फ़ूड से तोड़ें नाता
– किसी भी प्रकार की सब्ज़ी या फल को बिना धोये ना खाएं
– रेगुलर एक्सरसाइज करें
– सफाई का ध्यान रखें
– खूब पानी पियें
– किसी भी समस्या के लिए डॉक्टर की सहायता लें

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यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। इसका एकमात्र उद्देश्य लोगों को जागरूक और शिक्षित करना है। कृपया डॉक्टर की परामर्श अवश्य लें।

उम्मीद करता हूँ की आप समझ गए होंगे की Cancer kya hai ? Cancer ke symptoms kyaa hain ? इसके बाद भी कोई सवाल सुझाव हो तो कृप्या हमें कमेंट सेक्शन में लिखें। साथ ही दोस्तों के साथ बाँटें।