Home खबर #पे चलता देश ( आप सो जाइये )

#पे चलता देश ( आप सो जाइये )

हमारा समाज पता नहीं किस और जा रहा है हाल ही में कुछ ऐसी घटनाएं घटी जिन्हें रोका जा सकता था और जो समाज के गूंगे बेहरे होने का सबूत हैं। दिल में तो बहुत कुछ है पर आइना सामने ले के बैठा हूँ कहीं न कहीं खुद में भी उसी समाज की छवि पाता हूँ।

हमें बदलना होगा वरना जो हुआ वो होता रहेगा और हम बस बोलते रह जायँगे और जल्द ही हमारा नम्बर आ जायेगा।

मैं बाकियों की तरह नहीं बोलूंगा न किसी का इतिहास ना किसी का भविष्या बताऊंगा बस जो दिख रहा है लिख जाऊंगा। मेरे मन का हाल अंत में समझ जाना क्या आप भी हो परेशान ये जरूर बताना ?

आज एक सुशांत गया है, आज एक सपना गया है । अगले कुछ दिन लड़ाई होगी लम्बे-लम्बे वादे होंगे कुछ नए इरादे होंगे। सब के भीतर आक्रोश होगा , एक ज्वाला होगी, लगेगा जैसे इस ज्वाला से एक नई सुबह का आरम्भ होगा। बस कुछ दिन रुक जाओ ये ज्वाला गायब होगी वक़्त की आंधी से बुझ कर फिर वही पुराना धूमिल सा उजियाला होगा। फिर एक नई घटना घटेगी सब ध्यान देंगे और घर को निकल लेंगे।

क्या इंसाफ मिला गज राज़ को किसे ये अब ध्यान में आता है बहुत पुरानी सी बात है अब कहाँ हमें गुस्सा दिलाता है। कुछ दिन तो लगा मानो गणपति खुद आयेंगे अपने गज का इंसाफ भी बहुत जल्द देख कर जायेंगे। पर शायद पता था उन्हें की लोग status पे फोटो लगाएंगे twiter पे उत्पात मचाएंगे फिर सब भूल कर एक नए # में उलझ जायेंगे।

आज हर चैनल बस सुशांत को दिखा रहा है। हर कोई अपना चैनल चलाने को कुछ भी पक्का रहा है। हर खबर में बस सुशांत का नाम आ रहा है। जब ज़िंदा था तब तो पूछा नहीं और आज मर गया तो उसके जैसा दूजा नहीं।

आज तो सब ने ठाना है Bollywood वालों को औकात याद दिलाना है। भूल कर भी कातिलों की फिल्म नहीं देखने जायेंगे उन्हें अपनी ताकत से रूबरू करायेंगे।

 कल सब एक साथ पलट जायेंगे , फिर उन्ही की एंट्री पे ताली बजायेंगे ऑटोग्राफ-फोटोग्राफ के लिए भाग कर जायेंगे। आप मेरी प्रेरणा हो ये कह के हाथ मिलाएंगे।
 
फिर एक नया # आएगा फिर सोशल मीडिया स्टेटस और कमैंट्स से भर जायेगा 4 दिन वो भी चलेगा फिर सब थम जाएगा।
 
न गजराज को जल्दी इंसाफ मिला ना किसी और को मिल पायेगा ये भारत देश है मेरा जो बस # पे ही आवाज उठाएगा।
 

जाने कैसी दुनिया बन गयी है जब तक trending # नहीं तब तक मुद्दा-मुद्दा नहीं। क्या गजराज से पहले कोई जानवर इंसान की बर्बरता का शिकार नहीं हुआ? हुआ तो होगा पर उसका # चला नहीं। बच जाता सुशांत जो # का इंतज़ार ना कर के सही समय पे मदद कर देते। माना हमें आप को पता था न पर जिस को पता था क्या वो उसका सगा ना था ? बस अब आ कर समाज सुधारने की बात करनी है उस समय बोला होता तो किसी और का समाज सुधरा होता एक बाप का बीटा ज़िंदा होता और हमारे बीच होता।

चुप मत रहिये # का इंतज़ार मत कीजिए कहीं गलत दिखे तो बोलिये आवाज उठाइये शोर मचाइए क्योंकि हमारी ताकत एक # नहीं हमारी आवाज़ है। उठाने के बाद देखिये जो आवाज़ उठायी है उसमें क्या हुआ है क्योंकि देश # का नहीं हमारा है भविष्या हमारा है।

 
And please do not praise these people do not watch their movies make a trend of # whenever they release their movies.