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Kisan Bill 2020

आज कल की न्यूज़ तो बस Bollywood drugs में ही अटक सी गयी है। ऐसे में किस के पास समय है Kisan Bill 2020 के बारे में बताने की।

ऐसे समय में भी कोई Kisan Bill 2020 की बात नहीं कर रहा जब सारे किसान सड़क पे हैं। लोगों को ये तक नहीं पता की Kisan Bill 2020 kya hai ?

शायद किसी के # चलने का वेट कर रहे हैं क्योंकि हमारा देश तो बस # पे ही चलता है ना। जिसका # चल गया वो टॉपिक टॉप पे बाकि सब गायब है।

ये कहीं ना कहीं सरकार का या हमारा फ़र्ज़ बनता है इसके बारे में पढ़ना और लोगों को इसके बारे में जागरूक करना।

जो सही फैसला है तो सरकार की तरफ से किसानों से बात करना और जो गलत है तो किसानों के साथ खड़े होने का

तो चलिए बात करते हैं Kisan Bill 2020 kya hai की।

इस बिल में सरकार कोशिश कर रही है की किसानों को फसल बेचने की पूरी freedom दी जाये वो जहां चाहे बेचें मंडी के अंदर या बाहर।

ऐसे में सरकार के हिसाब से होगा ये की किसान को जहां ज्यादा price मिलेगा किसान उसे वहां बेच पायेगा।

साथ ही सरकार कोशिश कर रही है बिचौलियों की मनमानी कम करने की।

बिचौलियों का रोल

हमारी भाषा में broker बोलते हैं ये मंडी में बैठ के किसान से फसल लेते हैं।  फसल की quality , quantity , grad सब ये ही decide करते हैं।

एक उदाहरण

मंडी में बहुत लम्बी लाइन लगी है..

किसान :- साहब सामान मैं सामान लाया हूँ चेक कर लीजिये।
broker :- आधा सामान देख कर कहता है की ये अच्छी quality का नहीं है।

किसान :- मन में ( कोई option भी तो नहीं है ) बाहर ठीक है साहब।

अब फसल की quality भी एक ही आदमी चेक करेगा quantity भी वो ही आदमी तय करेगा।

अब क्या होगा ?

ऊपर दिए example से आप समझ ही गए होंगे की क्या issue था । पर अब थोड़ा सा हालत बदलेगा ।

Kisan Bill 2020 के बाद क्योंकि किसान के पास ऑप्शन होगा aadhti को मंडी में बेचे या बाहर बेच दे।
चलिए अब बात करते हैं एक एक कर के doubts दूर करने का…..

One country one market क्या है ?

अभी तक होता ये है की किसान को अगर एमएसपी  पर बेचना है तो उन्हें APMC वाली मंडी में जाना होता है।  इस नियम के मुताबिक अब अगर कोई market के बाहर बेचता है तो उसे टैक्स नहीं लगेगा।

ऐसे में होगा ये की सब मुनाफे के लिए बाहर ही जायेंगे तो यहाँ एमएसपी  शायद काम ही ना करे।

ऐसे में सरकार बोल रही है की मंडी तो रहेगी ही तो आप अंदर बेच ही सकते हो।

बाकि देखते हैं की यहां और कितनी परतें छुपी हुयी हैं।

एमएसपी खत्म हो जाएगा क्या ?

ये जानने से पहले ये जान लेना जरूरी है की MSP है क्या ?

एमएसपी  (Minimum support price) यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह कीमत है, जो हर फसल के सीजन से पहले Commission for Agricultural Costs and Prices तय करती है।

कोई भी फसल उस कीमत से नीचे के दाम पर नहीं खरीदी जाती है। ऐसा सरकार किसानों को motivate करने के लिए करती है।

मान लीजिए फसल का उत्पादन बहुत ज्यादा हुआ तो बाजार में उसकी कीमत गिर जाएगी ऐसे में MSP के द्वारा किसान को कीमत का अनुमान लगा रहता है की इस से कम तो नहीं आएगा।

दूसरे शब्दों में MSP एक तरह से price के गिरने पर किसानों को बचाने वाली bima policy की तरह काम करती है।

सरकार के मुताबिक ये अभी भी चलता ही रहेगा तो MSP में कोई बदलाव नहीं है।

ये डर आया कहाँ से ?

ये डर आया है बिहार से और कुछ पुराने तथ्यों को ध्यान में रख कर।

आखिर वहां ऐसा हुआ क्या ?

बिहार में MSP नहीं है जिसकी वजह से वहाँ का किसान गरीब है वहीं दूसरी तरफ पंजाब और UP में MSP जिसकी वजह से किसान अभी भी अच्छी स्थति में हैं।

ऐसे में भृम ये है की अब कहीं सरकार धीरे धीरे MSP को बंद ना कर दे।

मंडियाँ बंद हो जाएँगी ?

अभी तक तो जो खबर है, वो  ये है की मंडी सुचारु रूप से चलती रहेगी। बस अब किसान के पास kisan bill के बाद option होगा की वो कहाँ अपनी फसल बेचते हैं।

कहीं यहां भी निजीकरण हावी ना हो जाये ?

केंद्र सरकार बोल चुकी है की ऐसा कुछ नहीं होगा पर देखिये क्या होता है आगे।

इस में एक सवाल ये भी आता है की क्या इस से हमें यानी customer को भी फायदा होगा खेर अभी ये भी नहीं बोला जा सकता।

निजीकरण (Privatization) का डर

इसमें ये बताया जा रहा है की Privitasation की वजह से मंडियों और फसलों पर सिर्फ बड़े घरानों का ही राज़ हो जाएगा। गरीब, छोटे किसान और मंडी में काम करने वाले उनके आधीन हो जायेंगे।

सरकार का कहना है की इस से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा बल्कि किसान के पास ज्यादा options आ जेएंगे बेचने के।

साथ ही किसी भी किसान की जमीन नहीं ली जाएगी अगर कोई उद्धोयगपति किसी से फसल खरीदता है तो उसका दाम पहले से ही तय होगा।

बिल में यह भी साफ है कि किसानों की जमीन की बिक्री, लीज और गिरवी रखना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।  यानी सब वैसा ही चलेगा बस कुछ कानून बदल जायेंगे।

तो क्या किसनों को कोई नुकसान होगा ?

ये तो समय ही बता पायेगा क्योंकि अगर MSP बंद हुआ तो किसनों का क्या होगा ?

हालांकि सरकार clear कर चुकी है की ऐसा कुछ नहीं होगा पर तो भी किसानों के मुद्दे भी अहम हैं।

किसान हमारी रीढ़ की हड्डी है

तो सरकार ध्यान रखे की

  • MSP बंद ना हो।
  • किसी भी किसान से कोई धोका धड़ी ना हो बड़ी कंपनियों से।
  • किसान बस फले फूले।
  • लोग agriculture की तरफ बढ़ें।

बाकि जो भी हो अगर किसानों को जरूरत होगी तो पूरा देश उनके साथ ही होगा।

वैसे मैंने बहुत ज्यादा पढ़ा Kisan Bill 2020 kya hai  के बारे में साथ ही ये जो खबर है ये मेने बीबीसी की वेबसाइट से समझ कर लिखी है।

आप को अगर Kisan Bill 2020 kya hai के बारे में और कोई जानकारी है तो कृपया कमेंट सेक्शन में लिखें क्योंकि हमारे किसानों को हमारी जरूरत है।

ध्यान रखिये आप जो भी हो वो उन्हीं किसानों की वजह से हो।

तो जय जवान जय किसान