Home स्वास्थ जानें क्या है फेफड़ों का कैंसर और इसके लक्षण | Lung cancer...

जानें क्या है फेफड़ों का कैंसर और इसके लक्षण | Lung cancer ke lakshan kya hai ?

आज की  युवा पीढ़ी एक बीमारी की तरफ बहुत तेज़ी से बढ़ रही है वो है लंग कैंसर। इस आर्टिकल में जानें क्या है फेफड़ों का कैंसर और इसके लक्षण ? Lung cancer ke lakshan kya hai ?

अगर आप भारत के युवाओं की बात करें तो नशे की लत की वजह से Lung cancer बहुत ज्यादा तेज़ी से पैर पसार रहा है। 

ये तो बताने की जरूरत नहीं है की कैंसर कितनी खरनाक और मेहंगी बीमारी है।  

अगर इसका पता स्टार्ट में ही लग जाए तो बचने के चान्सेस बहुत ज्यादा होते हैं साथ ही ख़र्चा भी थोड़ा कम लगता है। 

इस लिए इस आर्टकिल को पूरा पढ़ें और कमेंट सेक्शन में अपने सवाल सुझाव हमारे साथ शेयर करें।

Table of Contents

Lung cancer kya hai ? फेफड़े (लंग) का कैंसर क्या है ?

 

फेफड़ों को फुफ्फुस भी कहते हैं।  इस वजह से फेफड़ों के कैंसर को फुफ्फुस

कैन्सर भी कहा जाता है। फेफड़ों के कैंसर में फेफड़ों के उत्तक (tissues) अनियंत्रित रूप से बढ़ते हैं। 

क्योंकि यह बीमारी व्यक्ति के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है, इस लिए बीमार व्यक्ति को साँस लेने में तकलीफ होती है। 

भारत और विश्व में यह बीमारी अब अपने पैर पसार रही है।  इसका एक मुख्य कारण है

बढ़ता पोल्युशन और नशे की बढ़ती आदतें।

ये भी पढ़ें

– कैंसर क्या है ?
– ब्लड कैंसर क्या है ?
– थाइरोइड क्या है ?
– डाइबिटीज़ का शर्तिया इलाज

फेफड़ों के कैंसर के कारण (lung cancer ke karan )

फेफड़ों के कैंसर के मुख्य कारण धुएं के सम्पर्क में आना या ऐसी कोई एक्टिविटी करना जिस से आप के ह्रदय को क्षती पहुंचे। इसके मुख्य कारण निम्न हैं 

धूम्रपान (Lung cancer ke karan)

यह ना सिर्फ उन को जो धूम्रपान करते हैं उन्हें बल्कि जो उनके सम्पर्क में आते हैं उन्हें भी बीमार करते हैं। आज कल तो सिगरेट को फैशन समझा जाता है। 

युवा कुछ स्टाइल के लिए कुछ दोस्ती के लिए और कुछ स्ट्रेस के कारण इसके गिरफ्त में आ रहे हैं। 

प्रदूषण 

वैसे तो सभी प्रकार के प्रदूषण  प्राण घातक होते है,और सभी आप के किसी ना किसी भाग को प्रभावित करते हैं। वायु प्रदूषण आप के फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकता है। 

वायु प्रदूषण के कारण जब हम दूषित हवा में साँस लेते हैं तो ये अंदर जा कर हमारे फेफड़ों को क्षती पहुंचाते हैं।  आगे जा के जो ह्रदय कैंसर का कारण बनता है। 

रेडॉन (Lung cancer ke karan)

रेडान एक अदृश्य और गंधहीन गैस होती है।  ये मुख्य्तः पहाड़ों वा चटानों में पाया जाता है।

यह यूरोनियम के टूटने से हवा में फैलता है। जब कोई इस हवा में साँस लेता है तो यह गैस  शरीर के अंदर  प्रेवश कर जाती है।  जो आगे चल के कैंसर का कारण बनता है। 

रेडान गैस फैलने के अन्य स्त्रोत हैं  मिट्टी, निर्माण सामग्री, पानी के नल ,खाना पकाने वाली प्राकृतिक गैस और टाइल काटना। 

पारिवारिक

अगर आप के परिवार में पहले किसी को ह्रदय कैंसर था तो आप के रोग से ग्रसित होने के चान्सेस ज्यादा होते हैं।

इस लिए अगर आप को अपनी पारिवारिक केस स्टडी पता है तो अपने ह्रदय का खास ख्याल रखें। 

चिकित्सा थेरेपी (lung cancer ke karan)

अगर पूर्व में किसी भी प्रकार की सर्जरी के लिए आप की छाती में रेडिएशन थेरेपी का यूज़ किया गया है तो आप को चान्सेस होते हैं ह्रदय कैंसर होने के। 

प्रूव में बिमारी 

अगर आप के एक फेफड़े में कैंसर है तो आप के दूसरे फेफड़े के ग्रसित होने के चान्सेस बढ़ जाते हैं। 

साथ ही यदि आप को पहले कभी ह्रदय कैंसर हुआ है तो आप को हमेशा दोबारा कैंसर होने की सम्भावना ज्यादा होती है।  

फेफड़ों की बीमारी 

अगर आप को कोई भी ऐसी बीमारी है जो फेफड़ों को अटैक करती है, जैसे क्लैमाइडिया संक्रमण, निमोनिया या तपेदिक (टी.बी.) आदि तो आप को फेफड़ों के कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है।  

परंपारिक ईंधन का प्रयोग 

अगर आप घर में लकड़ी या कोयले पे खाना बनाते हैं तो भी उसके धुंए से आप को फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। 

खाना

अगर आप को स्वस्थ और मस्त रहना है तो जो सबसे पहली चीज़ आप को करनी चाहिए वो है अपने खाने पे कण्ट्रोल।

ऐसा देखा जाता है की जो  लोग बीटा कैरोटीन युक्त खाद पदार्थ का कम सेवन करते हैं उन्हें कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है।

क्या है फेफड़ों के कैंसर के लक्षण  (Lung cancer ke lakshan kya hai )

हमारा शरीर बहुत ही ज्यादा स्मार्ट है कोई भी प्रॉब्लम या समस्या होने पे हमारा शरीर हमें तुरंत बता देता है।

ऐसे में अगर आप इन सिग्नल्स को समय पे पहचान लेते हैं तो आप बड़ी से बड़ी बिमारी से बच जाते हैं। 

ये भी पढ़ें

– पीरियड्स में रखें अपने साथी का ख्याल
– स्तन कैसे बड़े करें
– मोटा होने का इलाज

सांस की समस्या(Lung cancer ke lakshan kya hai)

– सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज सुनाई देना
– लंबी गहरी सांस लेने तकलीफ 

दर्द (Lung cancer ke lakshan kya hai)

ट्यूमर के कारण शरीर की उन शि‍राओं पर दबाव पड़ता है जो शरीर के ऊपरी हिस्से में रक्त को संचारित करते हैं जिसके कारण आप को दर्द फील हो सकता है

– सिर में दर्द
– हड्डियों में दर्द रहना
– छाती में दर्द

खाँसी (Lung cancer ke lakshan kya hai)

– लगातार 2-3 सप्ताह से भी ज्यादा खांसी बने रहना
– खाँसी में खून का आना 

अन्य (Lung cancer ke lakshan kya hai )

– भूख ना लगना
– वजन का बिना किसी वजह कम होना
– हमेशा थका थका रहना
– आवाज बैठना

 फेफड़ों के कैंसर के प्रकार (Fefdo ke cancer ke prakar )

फेफड़ों के कैंसर को भी दो भागों में बांटा जाता है।  इन्हें कैंसर कोशिकाओं की उपस्थिति के आधार पर काटेगोराइज़्ड किया जाता है। 

स्मॉल सेल लंग कैंसर (Small cell lung cancer Type of Lung cancer in Hindi )  

यह मुख्यतः धूम्रपान करने वालों को होता है।  इसमें सबसे बड़ी समस्या ये होती है की इसका पता ही तब चलता है जब ये पुरे शरीर में फेल चुका होता है।  

नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (Non-small cell lung cancer Type of Lung cancer in Hindi )

यह लंग कैंसर का मुख्य प्रकार है।  लंग कैंसर के लगभग 85 प्रतिशत मरीज़ों में नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर पाया जाता है। 

लंग कैंसर का इलाज (Lung Cancer ka ilaj )

इसे हमने 2 काटेगोरिस में बांटा है |

लंग कैंसर से बचने के उपाय (Simple Ways To Prevent Cancer )

धूम्रपान को कहें ना – धूम्रपान से जितनी दुरी बना सको उतना बेहतर एक तो पैसा बचेगा दुसरा काफी बिमारियों से पीछा छूटेगा।

साथ ही अगर आपका कोई दोस्त धूम्रपान करता है तो उस समय उस से दुरी बना लें।  साथ ही उन्हें सलाह दें की धूम्रपान को कहें अलविदा। 

भोजन – अपने खाने का ध्यान रखें। खाना खाते समय आपकी थाली में क्या जा रहा है उसका ध्यान रखें। 

कोशिश करें आपकी थाली में हरी सब्ज़ी , फल वा घर का बना हुआ भोजन हो।  

एक्सरसाइज से मिलाएं हाथ – एक स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क के लिए बहुत जरूरी है नियमित एक्सरसाइज।

जब आप एक्सरसाइज करते हैं तो आप की बॉडी फिट होती हैब्लड फ्लो ठीक होता है। 

मास्क का प्रयोग – यूँ तो कोविड ने मास्क को लगाना सिखा ही दिया है। अगर आप रोज़ाना मास्क लगा के घर से बाहर जायेंगे तो आप हवा से खराब तत्व इन्हेल नहीं करेंगे।

ब्रीथिंग टेक्निक – आप ब्रीथिंग एक्सरसाइज भी कर सकते हैं।  इस से आप के लंग्स स्ट्रांग होते हैं। 

लंग कैंसर का ट्रीटमेंट  (Lung cancer treatment )

कीमोथेरेपी (Lung cancer treatment )

कीमोथेरेपी में  कैंसर को खत्म करने के लिए कुछ विशेष दवाओं का प्रयोग किया जाता है। इन्हें टेबलेट या इंजेक्शन के थ्रू शरीर में डाला जाता है। 

ऑपरेशन (Lung cancer treatment)

इसमें डॉक्टर शरीर से कैंसर के ऊतकों को काट कर निकाल देते हैं।

रेडिएशन थेरेपी

रेडिएशन थेरेपी में कैंसर को मारने के लिए उच्च ऊर्जा x-ray किरणों का प्रयोग किया जाता है।

PET-CT स्कैन 

PET-CT स्कैन द्वारा सक्रिय कैंसर कोशिकाओं की स्थति को देखा जा सकता है ।उसके बाद उसी भाग के अनुसार ट्रीटमेंट किया जाता है। 

Home remedy for Lung cancer in hindi

जरूरी नहीं है की आपको हमेशा डॉक्टर के पास जाना है अगर आप अपने खान पान पर ध्यान दें तो बहुत सी बिमारियों से बच सकते हैं। आप अपनी प्लेट में बस कुछ चीज़ें ऐड कर सकते हैं।

हल्दी

हल्दी को सबसे ज्यादा रोगों में प्रयोग किया जाता है। इसमें मौजूद anti-inflammatory और bioactive compounds पाया जाता है जो कैंसर की कोशिकाओं को मारकर कैंसर को बढ़ने से रोकता है।

प्याज

प्याज में सल्फर कंपाउंड पाया जाता है। सल्फर कंपाउंड आप के आंत और फेफड़ों के लिए बहुत ही ज्यादा फादेमंद होता है।

लहसुन

लहसुन आप के शरीर में ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। जो आप की ह्रदय सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है।

अदरक

अदरक में कैंसर की कोशिकाओं से लड़ने वाले गुण पाए जाते हैं। साथ ही इसके सेवन से कीमोथेरेपी से होने वाली परेशानियां भी कम होती हैं।

सब्ज़ियां

सब्ज़ियों में पाए जाने वाले गुण आप को बहुत सी बीमारियों से बचा सकते हैं। खासतौर से अगर आप अपनी प्लेट में हर सब्ज़ियों को जगह देते हैं तो।

ताजे फल

ताज़े फलों में स्पेशल्ली संतरे, मौसमी आदि में भरपूर मात्रा में विटामिन जाया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।

उम्मीद करता हूँ फेफड़ों का कैंसर क्या है और इसके लक्षण क्या हैं ( Lung cancer ke lakshan kya hai )? आप के काम आएगा बाकी किसी भी तरह के फीडबैक सुझाव के लिए आप कमेंट सेक्शन में लिख सकते हैं।