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कैसे पहचानें मुँह के कैंसर को और क्या है इलाज ? | Muh ke Cancer ke lakshan

Muh ke Cancer ke lakshan by Svamee

कैंसर ऐसा रोग, जिसका नाम सुन डर जाते हैं लोग 

जिसका एक कारण है ना ही इसका कोई इलाज है और अगर है भी तो परमानेंट नहीं। 

यूं तो कैंसर के कई प्रकार होते हैं जो हम पहले ही कवर कर चुके हैं जिन्हें आप हमारी वेबसाइट पे पढ़ सकते हैं। 

तो आज हम समझेंगे मुँह के कैंसर को इसे समझने और जानने की जरूरत इस लिए भी ज्यादा है क्योंकि मुँह के कैंसर होने की संभावना बहुत ही ज्यादा होती है।

भ्रांति है की मुँह का कैंसर (Oral Cancer ) सिर्फ उन्ही को होता है जो स्मोक करते हैं या गुटका खाते हैं।

जबकि सच्चाई ये है की ये किसी को भी हो सकता है।  

तो चलिए समझते हैं मुँह के कैंसर के बारे में 

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Muh ka cancer kya hai मुँह का कैंसर क्या होता है ?

कैंसर अनियंत्रित कोशिकाओं का समूह है जो हमारे शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट करता है और शरीर में फैलता रहता है।

अनियंत्रित कोशिकाओं का यह गुच्छा जब आप के मुँह पे बनता है तो इसे मुँह का कैंसर कहते हैं। 

मुँह का कैंसर होठों से शुरू होकर आगे की ओर बढ़ता है।  यह होठों, जीभ, जबड़ों , मसूड़ों, हार्ड और सॉफ्ट पैलेट, साइनस और गले में हो सकता है।  

यदि इसका इलाज समय पर न किया जाए तो यह घातक रूप ले सकता है। साथ ही अगर आप इसे शुरुआती स्टेज पे पहचान लेते हैं तो आप इलाज में 60% तक बचा सकते हैं। 

अगर इसे शुरुआती समय में नहीं पहचाना जाए तो सर्जरी ही एकमात्र विकल्प बचता है।

मुँह के कैंसर की शुरुआत में मुंह के अंदर सफेद छाले या छोटे-छोटे घाव होने लगते हैं और मुंह से दुर्गंध तथा खून आने लगता है। 

पर ये ही नहीं मुँह के कैंसर अन्य लक्षण भी होते हैं जो आप को दिखे तो आप को तुरंत डॉक्टर  को दिखा देना चाहिए। 

Muh ke cancer ke lakshan मुँह के कैंसर के लक्षण 

अगर आप  को ये लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नज़रअंदाज़ ना करें तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ 

– मुंह के अंदर सफेद छाले या छोटे-छोटे घाव का होना
– मुंह से दुर्गंध आना
– आवाज में बदलाव
– निगलने में तकलीफ
– मुँह का ना खुलना
– मुंह में घाव होना
– सूजन होना
– लार में खून का  निकलना
–  मुंह में दर्द रहना
– मुंह के अंदर गांठ बनना
– दांतो का गिरना
– मुँह में जलन रहना
–  वजन का गिरना 

मुंह का कैंसर होने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं (Causes of skin cancer in Hindi )

तो ऊपर दिए लक्षण आप में दिखाई दें और आप इनमें से कुछ करते हैं तो आप को इसे ज्यादा सीरियसली लेना चाहिए 

– अगर कोई तम्बाकू का सेवन करता है तो
– अगर कोई बहुत ज्यादा शराब पीता है तो
– अगर किसी की प्रतिरोधक क्षमता कम है तो
– अगर कोई अपौष्टिक भोजन, मसाले वाला खाना या फ़ास्ट फ़ूड का रेगुलर सेवन करता है तो
– अगर कोई व्यक्ति ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) के संपर्क में आता है तो
– अगर कोई मुँह की सफाई नहीं करता है तो ब्रश करना , मुँह साफ रखना
– परिवारिक इतिहास
– सुपारी चबाने वाले को 

तो अगर आप की आदतों में भी ये सब है तो इसे तुरंत बदलें क्योंकि ये आदतें आप  मुँह का कैंसर दे के जा सकते हैं। 

अगर आप की ये सब आदतें भी हैं और आप में कैंसर के लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत एक्सपर्ट की तुरंत सलह लें। 

इलाज के लिहाज़ से मुँह के कैंसर को 4 प्रकारों में बांटा गया है 

मुँह के कैंसर की स्टेजेस (Stages of Mouth Cancer in Hindi) 

स्टेज 1: पहली स्टेज में ट्यूमर 1 इंच से कम का होता है और पास के लिम्फ नोड्स तक नहीं पहुँचता

स्टेज 2: तूसरे स्टेज में ट्यूमर 1-2 इंच तक बढ़ जाता है और पास के लिम्फ नोड्स तक नहीं पहुँचता है 

स्टेज 3: तीसरी स्टेज में ट्यूमर 2 इंच तक बढ़ जाता है और पास के लिम्फ नोड तक पहुंच जाता है 

स्टेज 4: यह कैंसर की लास्ट स्टेज होती है इसमें कैंसर शरीर के बाकी हिस्सों में फैलने लगता है 

तो ये थे मुँह के कैंसर की स्टेजेस (Stages of Mouth Cancer in Hindi) अगर आप पहली दो स्टेजेस में पता चल जाये तो जान और माल के नुकशान की हानि से  हैं। 

Muh ke cancer ke lakshan तो हमने देख ही लिए हैं अब समझते हैं इस से बचने के upay या Muh ka cancer kaise thik hota hai

Muh ka cancer kaise thik hota hai

तो मुँह के कैंसर से बचने के दो उपाय हैं 

  • मुँह के कैंसर का इलाज (Muh ke Cancer ka ilaj )
  • मुँह के कैंसर से बचने के उपाय ( Muh ke cancer se bchne ke upay)

तो चलिए एक एक कर के समझते हैं 

मुँह के कैंसर का इलाज (Muh ke Cancer ka ilaj )

दवाईयां

अगर आप को कैंसर शुरुआती दिनों में पता चल जाये तो दवाई से भी आप को राहत मिल सकती है। इसमें ऐसी दवाइयां दी जाती हैं जो शरीर में कैंसर को फैलने वा कैंसर सेल्स के विकास को  रोकता है। 

रेडिएशन थेरेपी 

इसमें कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने का प्रयास किया जाता है ।

 बायोप्सी

बायोप्सी के  ज़रिए शरीर से  कैंसर वाले टिशू को अलग किया जाता है ।

कीमोथेरेपी

यह कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए प्रयोग में लायी जाती है।  इस प्रक्रिया में स्किन के ऊपरी भाग पर कैंसर रोधी दवाएं लगाई जाती है।

यह आमतौर पर 6 हफ्तों के लिए की जाती है और दिन में एक या दो बार दी जाती है।

सामान्य कैंसर सर्जरी 

इस पद्धति में शरीर से कैंसर वाले टिस्सुस को निकाल दिया  जाता है। ये तब  है जब  कोई उपाय ना बचा हो। 

मुँह के कैंसर से बचने के उपाय ( Muh ke cancer se bchne ke upay)

– धूम्रपान को कहें ना
– अच्छा खाना खाएं
– शरीर पे ध्यान रखें योगा /एक्सरसाइज करते रहें
– पानी पीते रहें
– मुँह की सफाई का विशेष ध्यान रखें
– UAV किरणों से बचें 

Refer 

उम्मीद करते हैं की आप को मुँह के कैंसर की पूरी डिटेल्स मिल गयी होगी बाकि किसी भी सवाल के लिए आप कमेंट सेक्शन इस्तेमाल कर सकते हैं। 

Muh ke Cancer ke lakshan के लिए इतना ही।