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Raheem Ke Dohe | दोहे जो आप के जीने का नज़रिया बदल देंगे

अगर आप को जीवन पूरी तरह और पुरे आनंद के साथ जीना है तो आप को उसे समझना बहुत जरूरी है। तो आज Svamee पे हम बात करेंगे Raheem ke dohe ऐसे दोहे जो आप को मतलब समझायेंगे

– जीवन का
– रिश्तों का
– समय का

और यकीन मानिये अगर आप इन दोहों को रोज़ पढ़ते हैं, तो आप के जीवन को जीने और उसे समझने का नज़रिया ही बदल जाता है।

तो चलिए पढ़ते और समझते हैं raheem ke dohe

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Raheem Ke Dohe

रहिमन प्रीति न कीजिए जस खीरा ने कीन
ऊपर से तो दिल मिला भीतर फाँकें तीन

रहीम यहां प्रेम और प्रेमी की बात करते हैं। रहीम कहते हैं की ऐसे व्यक्ति से प्रेम ना किया जाये जो बाहर से तो आप का दिखता है पर अंदर से छल कपट से भरा हुआ है।

जैसे खीरा दिखता तो एक ही है, पर छिलके उतारते ही पता चलता है बाहर से एक दिखने वाला एक नहीं बल्कि अलग अलग है।

तो दिखावे पे ना जाएँ व्यक्ति को पहचानें।

ये रहीम मानै नहीं दिल से नवा जो होय
चीता चोर कमान के नये ते अवगुन होय

चीता , चोर और धनुष कभी भी अकारण नहीं झुकते। ऐसे में कभी भी मन नहीं मानता की इनका झुकना सच्चा है।

चीता हमला करने के लिए झुककर कूदता है। चोर चोरी और विश्वासघात की वजह से मीठा वचन बोलता है। धनुष भी झुकने के बाद ही तीर छोड़ता है।

ऐसे में अगर कोई व्यक्ति आप से बहुत ज्यादा विन्रमता से बातें करता है, तो पहले देख लें, की कहीं यह भी तो “किसी उद्देश्य पूर्ति हेतु आप का फायदा नहीं उठा रहा”।

रहिमन तब लगि ठहरिए दान मान सनमान
घटत मान देखिय जबहिं तुरतहि करिए पयान

रहीम कहते हैं एक जगह तभी तक रहना चाहिए जब तक वहां आप को मान सम्मान वा दान मिलता रहे।

जब आप को लगे की आप का मान-सम्मान घट रहा है, तो तुरंत वहां से चल देना चाहिए।

आप कब तक कहीं रह सकते हैं या किसी के साथ रह सकते हैं यह इस बात पर निर्भर करता है की आप की वहाँ कितनी इज्जत है।

अगर खुद की इज़्ज़त गिरती या घटती दिखे तो चले जाएँ।

सौदा करो सो करि चलौ रहिमन याही बाट
फिर सौदा पैहो नहीं दूरि जान है बाट

दुनिया एक बाजार है, जिसे जो भी सौदा करना है वो कर ले। ये रास्ता बहुत ही लम्बा है जिसे सब को तय करना है।

इस बाजार से जाने के बाद न तो कोई कुछ ख़रीद सकेगा, और न ही कुछ बेच सकेगा ।

तो जितने भी दिन रहें दिल से दिल मिला के रहें। लोगों की भलाई में लगे रहें। अच्छा करें ताकि जाते समय कोई पछतावा ना हो।

रहिमन अती न कीजिये गहि रहिए निज कानि
सैंजन अति फूले तऊ डार पात की हानि

रहीम कहते हैं की अति का कुछ भी अच्छा नहीं होता। अति के दुष्परिणाम बहुत ज्यादा बुरे होते हैं।

जैसे सहजन का वृक्ष अत्यधिक मात्रा में फलता है , जिसके कारण वह अपनी ही डालियों और पत्तियों को नुकसान पहुंचाता है।

आम जीवन में ज्यादा कुछ भी अच्छा नहीं होता , ना ज्यादा काम, ना ज्यादा आराम , ना ज्यादा प्यार

तो हर एक चीज़ करें पर एक लिमिट में।

रहिमन पानी राखिये बिनु पानी सब सून
पानी गए न ऊबरे मोती मानुष चून

रहीम कहते हैं जैसे आते का अस्तित्व पानी के बिना नम्र नहीं हो सकता। मोती का मूल्य उसकी आभा के बिना नहीं हो सकता। उसी तरह मनुष्या को भी हमेशा विन्रम रहना चाहिए, बिना विन्रमता के मनुष्या का कोई अस्तित्वा नहीं होता।

आज कल तो विन्रम भी लोग सामने कौन है ये देख के ही होते हैं।

इस लिए हमेशा कोशिश कीजिए विन्रम रहिये।

मुक्ता कर करपूर कर चातक जीवन जोय
एतो बड़े ‘रहीम’ जल ब्याल बदन विष होय

यहाँ रहीम संगति का महत्व बताते हुए कहते हैं की जैसी आप संगति करते हो वैसे बन जाते हो जैसे

स्वाति नक्षत्र में पानी की बूंद चातक पक्षी के लिये जीवनदायी होती है।

जब यह समुद्री सीप के मुॅह में पड़ती है तो मोती बन जाती है और जब यह साॅप के मुॅह मे जाती है तो विश बन जाती है।

तो आप कहाँ और किस के साथ जा रहे हैं यह आप के भविष्या और वर्तमान को प्रभावित करता है।

रहिमन वे नर मर चुके जे कहुँ माँगन जाहिं
उनते पहिले वे मुए जिन मुख निकसत नाहिं

रहीम कहते हैं जो मनुष्या किसी के सामने हाथ फैलाता है अर्थात कुछ मांगता है, वो मृतक के समान है।

वो लोग जो मांगने पे भी साफ मना कर देते हैं वो तो पहले से ही मृतक या मरे हुए हैं।

अन्तः कोशिश करें की पहले तो स्वलम्बी बनें की किसी से कुछ मांगना ना पड़े और यदी कोई फरियादी आये तो उसकी मदद भी करें।

याते जान्यो मन भयो जरि बरि भस्म बनाय
रहिमन जाहि लगाइये सो रूखो ह्वै जाय

यहां रहीम कहते हैं की जिससे भी मन लगाते हैं वही धोखा दे जाता है।

जिसकी वजह से रहीम का हृदय जलकर राख हो गया है। अब किसी पर भी भरोसा करने का मन ही नहीं करता।

और जिसके ह्रदय में पहले से ही ईर्ष्या /द्वेष भरी है उसे कौन अपना हृदय देना चाहेगा।

यद्यपि अवनि अनेक हैं कूपवंत सरिताल
रहिमन मानसरोवरहिं मनसा करत मराल

यों तो पृथ्वी पर न जाने कितने ही कुएँ हैं , कितनी ही नदियाँ और कितने ही तालाब हैं, पर हंस का मन तो बस मानसरोवर का ही ध्यान किया करता है ।

अर्थात हमेशा बड़े के लिए प्रयत्न करें।

तो ये थे कुछ Raheem Ke dohe उम्मीद करता हूँ ये आप के जीवन में सकरात्मक बदलाव लाएंगे। बाकि कमेंट सेक्शन में अपने दिल की बात जरूर शेयर करें।