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10 Sign of Toxic People in Hindi नकारात्मक लोगों को कैसे पहचानें

10 Sign of Toxic People in Hindi नकारात्मक लोगों को कैसे पहचानें
10 Sign of Toxic People in Hindi नकारात्मक लोगों को कैसे पहचानें

बड़े बुजुर्ग कह गए हैं, “जैसी संगत वैसी रंगत”। मतलब आप जैसे लोगों के साथ रहते हैं , समय के साथ आप भी वैसे ही हो जाते हैं। इसलिए हमेशा सकरात्मक सोच वाले व्यक्ति के साथ रहने की सलाह दी जाती है और नकारात्मक लोगों से दूर रहने को कहा जाता है। तो आज हम बात करेंगे 10 Sign of Toxic People in Hindi इस से आप को पता चलेगा की नकारात्मक लोगों को कैसे पहचानें ?

नकारात्मक लोगों के साथ रहने से हमें क्या नुकशान हो सकता है ?

इन लोगों को कोई भी खुश नहीं कर सकता ये हर एक चीज़ में कोई ना कोई प्रॉब्लम निकाल सकते हैं।

कभी ना कभी तो हम सब नेगेटिव हो सकते हैं, पर इन लोगों की ऐसी मानशिकता हमेशा ऐसी ही रहती है।

Negative Thinking Ka Ilaj

ये लोग ख़ुशी में भी आग लगा सकते हैं।

जैसे किसी ने नई गाड़ी ली और सब खुश हैं, ये आते ही बोलेंगे अगर इसका एक्सीडेंट हुआ तो ?

अचानक माहौल गायब।

ऐसे लोग काम तो करते हैं पर दूसरों के कामों से ज्यादा जलते हैं।

इनके साथ अगर आप लम्बे समय तक रहें तो आप की सोच भी ऐसी हो सकती है।

जिसके काफी सारे नुकसान हैं और एक मुख्य नुकसान यह है की आप जीवन में आगे रिस्क नहीं ले पाते और हमेशा उसी जगह पे रह जाते हैं। साथ ही आप का मानसिक विकास भी रुक सा जाता है।

आखिर कैसे पहचानें नकारात्मक लोगों को क्या हैं Sign of Toxic People ?

10 Sign of Toxic People in Hindi

आलोचना

इन लोगों को हर काम में कोई ना कोई गलती लगती ही हैं। ये किसी भी काम में बुराइयां निकाल सकते हैं।

ओह्ह नयी गाडी ली है ,,, हम्म्म्म मेहेंगी पड़ गयी मुझे बोलते और भी सस्ते में मिल जाती।

ये हर एक चीज़ में ऐसे दिखाते हैं जैसे इन्हें सब आता है और इन्हें सब जानते हैं।

ये कभी भी व्यक्ति के सामने उसकी आलोचना नहीं करते। ये पहले उसकी बातें सुन लेते हैं फिर पीठ पीछे बुराइयाँ करते हैं।

निराशावादी

ऐसे लोग मूल रूप से दुखी ही रहते हैं , क्योंकि इनको हर जगह निराशा ही नज़र आती है।

ये लोग कभी भी कुछ नया नहीं करते क्योंकि इन्हें डर रहता है की नहीं चलेगा। ना ही ये औरों को करने देते हैं क्योंकि ये उनका मोरल भी इतना डाउन कर देते हैं की उन से भी ना हो पायेगा।

अरे ब्लॉग्गिंग कर रहे हो बेटा बहुत ज्यादा कम्पटीशन है , सक्सेस रेश्यो बहुत ही कम है मेरे दोस्त के पडोसी ने भी शुरू किया था फ़ैल हो गया।

आप उम्मीद ही नहीं कर सकते इनसे कुछ भी पॉजिटिव होने का या आने का।

चिंता

ऐसे लोग हमेशा चिंता में डूबे मिलते हैं। अपने फ्यूचर की या अपने काम की चिंता नहीं बल्कि इस बात की चिंता की दूसरों का जल्दी भला ना हो जाये।

इसका प्रमोशन मेरे प्रमोशन से पहले कैसे हो गया उन्हें इस बात की ज्यादा चिंता होगी ना की इस बात की, कि कैसे अपने स्किल सेट पे काम करें।

इन लोगों को ये भी चिंता रहती है की कहीं कोई मेरे से आगे ना निकल जाए।

अगर ऐसे लोग एक रिलेशन में हैं तो उन्हें ये चिंता होगी की मेरी पार्टनर या मेरा पार्टनर मेरे से ज्यादा जल्दी सक्सेसफुल ना हो जाये।

बदलाव

ऐसे लोग अंदर से इतने खराब हो चुके होते हैं की उन्हें बदलाव से भी डर लगने लगता है।

अंदर से तो वो आलोचना और चिंता में इतने व्यस्त होते हैं की उन्हें लगता है अगर कोई बदलाव हुआ तो दूसरे उन से ज्यादा बेहतर कर लेंगे।

अगर एक कंपनी कुछ पॉलिसीस चेंज करती है तो सकता है कुछ लोग इस बात से नाराज़ हों की अब सब नया सीखना पड़ेगा पर ये लोग इस बात से दुःखी होते हैं की अब कोई उन से आगे निकल सकता है।

ये चाहते हैं की बदलाव भी इन्ही की मर्ज़ी से आये और इन्ही की हित में आये।

राज़

ऐसे लोगों को अपने जीवन से ज्यादा दूसरों के जीवन में रूचि रहती है। इन्हें सब की सब बातें पता करने में बड़ा मज़ा आता है।

बाद में ये उन बातों को इधर उधर बाँटने का भी काम करते हैं। जिस से इन्हें लगता है की ये काफी लोकप्रिया बन रहे हैं।

अगर आप ऐसे लोगों के साथ रिलेशन में हैं तो पॉसिबल है की ये आप की बात को यहां से वहां फैला दें।

अररे उसे कुछ नहीं आता तुम्हें पता है वो ऐसा -ऐसा बोल रहा था तुम्हारे पीछे से।

बस ऐसे ही इनके दिन निकल जाते हैं। ना खुद खुश ना सामने वाला खुश।

श्रेष्‍ठता

ऐसे लोगों को लगता है की वो सबसे अच्छे और श्रेष्‍ठ हैं। उन्हें हर जगह अपनी इम्पोर्टेंस शो करनी होती है।

उन्हें लगता है की अगर उन्हें ना पूछा जाये तो काम ठीक नहीं हो सकते। अगर आप ऐसे किसी व्यक्ति के साथ रिलेशन में हैं तो आप पाएंगे की ये अपनी बात को सच साबित करने और खुद को ऊपर दिखने की लिए कुछ भी कर सकते हैं।

तुमने गलत मॉडल खरीद लिया मुझ से पूछ लिया होता तो में तुम्हें बहुत ही ज्यादा अच्छा चुन के देता।

दोगलापन

ऐसे लोग हमेशा दोगले होते हैं, क्योंकि इनको खुद का स्टैंड लेने में डर लगता है। ऐसे लोग जो सामने होगा उसी के बन जाते हैं।

अगर इनके सामने दो लोग बैठे जाते हैं तो ये उनकी तारीफ करेंगे फिर किसी और के सामने उन्ही बातों से आप की बुराई।

ऐसे में होता ये है की कभी ना कभी आप को पता चलता है और आप नेगेटिव सा फील करते हैं।

हितेषी

ऐसे लोग मुख्य्तः दिखावा करते हैं की वो आप के हितेषी हैं। बस आप का भला ही चाहते हैं। ऐसा कर के जब आप का भरोसा जीत जाते हैं तो आप को बाद में अपनी बातों में फंसाने की कोशिश करते हैं।

अरे तुम ये प्रेजेंटेशन छोड़ो ये कम्पनी ही बेकार है या तुम्हारा वो दोस्त ही बेकार है।

ऐसे वो आप को सब चीज़ों के नेगेटिव साइड ही दिखाते हैं।

कौन आप का हितेषी है कौन नहीं ये आप को ही चुनना पड़ता है। जो आप को अच्छा बोलते हैं, जरूरी नहीं हमेशा आप के भले की लिए ही बोलते हों। तो पहले समझ लें ।

Victim card

ऐसे लोग हमेशा ऐसे दिखाते हैं जैसे सब उन्ही के साथ बुरा हो रहा है। जैसे ही हम ऊपर भी बता चुके हैं ये लोग बदलाव नहीं चाहते तो ऐसे में होता ये है की वो बस फूकते ही रहते हैं और हमेशा Victim card ही खेलते हैं।

अरे मुझे क्यों समय दोगे में तो मामूली हूँ तुम्हारे बाकि दोस्त हैं ना। या अरे उसके पास बहुत से रेसौर्सेस हैं मेरे पास कुछ भी नहीं।

तार्किक शक्ति

Toxic लोग ज्यादा तर्क वितर्क से काम नहीं करते। उनके लिए या तो वो सही होते हैं या वो जो उन से बड़े हों , बड़े उम्र में नहीं बल्कि रुतबे में या पैसे में।

ऐसे लोग आप को शुरुआत में हो सकता है सही लगें पर बाद में आप को घुटन से महशुश होती है।

तो अगर आप भी ऐसे किसी व्यक्ति के साथ रिलेशनशिप में हैं तो अपना ध्यान रखें। हो सकता है जो आज ठीक लग रहा है कल को उसी से दम घुटने लगे।

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उम्मीद करता हूँ 10 Sign of Toxic People in Hindi नकारात्मक लोगों को कैसे पहचानें आप को पसंद आया होगा। कोई सवाल कोई सुझाव हमें कमेंट सेक्शन में जरूर दें।