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Skin Cancer Ke Lakshan ? स्किन कैंसर का पता कैसे लगाएं ?

Skin Cancer Ke Lakshan – भारत में एक नई बीमारी दस्तक दे रही है “Skin Cancer” दुनिया भर में तो ये बीमारी काफी समय से थी , पर अब इसके केसेस भारत में भी दिखने लगे हैं।

क्योंकि यह बिमारी अभी पैर पसार रही है तो इसके इलाज के बारे में सटीक जानकारी सभी को नहीं है।

तो आज हम कोशिश करंगे जानने की Skin cancer ke symptoms kya hai ?

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स्किन कैंसर  क्या है Skin cancer kya hai ?

स्किन कैंसर स्किन की कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने के कारण होता है।

हमारे शरीर में नई स्किन कोशिकाएं पुरानी स्किन कोशिकाओं को ऊपर की और धकेलती हैं जहां पुरानी कोशिकाएं मर जाती हैं।

इस प्रक्रिया को हमारे शरीर में DNA कण्ट्रोल करता है, जब DNA ढंग से काम नहीं करता तो शरीर में नई कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं।  जो कैंसर को जन्म देता है।

स्किन कैंसर आमतौर पर उन जगहों पर विकसित होता है जो सूर्य के सीधे संपर्क में नहीं आता है।

स्किन कैंसर के मरीज़ों की संख्या तो ज्यादा है पर इस से मरने वालों की संख्या कम है।

स्किन कैंसर के प्रकार  (Different types of Skin Cancer in Hindi)

स्किन कैंसर को उसके विकसित होने के स्थान के नाम से काटेगोराइज़्ड  किया जाता है। वैसे मुख्यतः इसे 3 भागों में बांटा जाता है।

बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal cell Cancer Different types of Skin Cancer in Hindi)

यह Skin Cancer का सबसे आम प्रकार है।  स्किन कैंसर के 60% मरीज़ों को ये ही बीमारी होती है। यह मुख्य्तः 40 से कम उम्र के लोगों को अपना शिकार बनाता है।

ये बीमारी मुख्यतः सर , गर्दन , नाक , कान पर उभरता है और फिर पुरे शरीर में फैलता है।

स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous cell carcinoma of the skin types of Skin Cancer in Hindi )

यह मुख्य्तः उम्र बढ़ने के साथ होता है और इसके रोगी मुख्यतः 50 साल के या उस से अधिक उम्र के होते हैं। इनकी शुरआत लाल अल्सर  के रूप में होती है।

ये मुख्य्तः धूप के संपर्क में आने वाले क्षेत्रों जैसे चेहरे, हाथ और कान में फैलता / होता है। यह अत्यधिक गति से फैलते हैं अगर ये हाथों या होंठों पर हो जाएँ तो।

मेलेनोमा (Melanoma Skin Cancer)

स्किन कैंसर से ग्रसित केवल 10% लोगों में ही मेलेनोमा पाया जाता है।  आपको ये जान के आस्चर्य होगा की स्किन कैंसर से मरने वाले अधिकतर मरीज़ इसी बीमारी के कारण मरते हैं।

तो कुल मिला के बोला जाये तो यह सबसे कम पायी जाने वाली और सबसे घातक बीमारी है।

इसका एक कारण है इसकी वृद्धि दर

यह इतनी तेज़ी से बढ़ता है की शुरआती चरण में ही दिमाग फेफड़ों या शरीर के अन्य भागों को अपना शिकार बना लेती है।

यह आमतौर पर त्वचा के उस भाग में होता है जो सूर्य के प्रकाश के संपर्क में नहीं आते ।

पर सवाल ये है की आखिर स्किन कैंसर किसे होता है और कैसे फैलता है ?

स्किन कैंसर के कारण क्या हैं ? (Causes of Skin Cancer in Hindi)

स्किन कैंसर का मुख्य कारण है सूर्या की रौशनी में मौजूद UV किरणें। ये किरणें हमारी स्किन को निरंतर क्षती पहुंचाती हैं और आगे चल के स्किन कैंसर का कारण बनते हैं।

पर ऐसा जरूरी नहीं है की अगर आप सूर्य की किरणों के सम्पर्क में ना आएं तो आप को स्किन कैंसर नहीं होगा।

ध्यान रखें हमारे शरीर के लिए सभी चीज़ें बराबर मात्रा में जरूरी हैं।

इस लिए खा जाता है की सुबह के समय सूर्य की रौशनी लेना काफी फायदेमंद होता है।

स्किन कैंसर किसी को भी हो सकता है खासतौर से अगर निम्न लक्षण आप के शरीर में हैं तो।

स्किन कैंसर किन किन वजहों से होता है (Skin Cancer kin kin wjhon se hota hai )

– अगर शरीर में बहुत से तिल और मस्से हैं तो।
– अगर स्किन में दाग-धब्बे कई समय से बने हुए हैं और ठीक नहीं हो रहे।
– जिन्हें बार-बार एक्जिमा होता है।
– जो लोग धूप में ज्यादा काम करते हैं।
– जिनका परिवार में पहले भी कैंसर हुआ हो किसी को।
– अगर सूरज की रौशनी से जलने के बाद आप को टैनिंग नहीं होती बल्कि स्किन उखड़ने लगती है ।
– जिन लोगों की त्वचा अधिक गोरी होती हैं उन्हें स्किन कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।
– अगर आप नियमित रूप से कोयले , टार और आर्सेनिक जैसे रसायनों के संपर्क में आते हैं तो ।

स्किन कैंसर के लक्षण (Skin Cancer ke lakshan )

विभिन्न रोगियों में स्किन कैंसर के विभिन्न लक्षण दिखाई देते हैं।

अन्तः अगर आप को निम्न लक्षण दिखाई दें तो हो सकता है की ये स्किन कैंसर के लक्षण हों।  इसलिए इन्हें नज़अंदाज़ ना करें।

– शरीर पे लाल धब्बों का पड़ना
– त्वचा पर पपड़ी का उभरना
– अगर आप को निरंतन खुजली हो रही है तो यह भी एक गंभीर समस्या हो सकती है
– कई बार स्किन कैंसर के होने पर अल्सर की समस्या भी बार बार रहती है
– कई बार स्किन कैंसर में शरीर में अचानक मस्से उभर आते हैं
– यदि स्किन पे अचानक दाग-धब्बे उभर आये हैं जो चार से पांच हफ्ते बने रहते हैं तो ये भी स्किन कैंसर का लक्षण हो सकता है
– पिंपल का आकार बढ़ना

Skin कैंसर से बचाव (Skin Cancer ka Bachav )

स्किन कैंसर से बचाव को हम दो तरीकों से समझने की कोशिश करेंगे।

– स्किन कैंसर का इलाज (Skin cancer ka Ilaj )
– घरेलू उपाय (Prevention of Skin Cancer in Hindi)

चलिए इन्हें एक एक कर के  समझने की कोशिश करते हैं।

इलाज (Skin cancer ka Ilaj)

सर्जरी (Skin Cancer ka ilaj)

बायोप्सी सर्जरी

कभी कभी कैंसर के सेल्स को त्वचा से निकाल दिया जाता है।  इसके माध्यम से इस बात  का भी पता लगाया जाता है, कैंसर कितना फैला हुआ है।

एक्सकिशनल  सर्जरी

एक्सकिशनल  सर्जरी में स्किन के कैंसरयुक्त अंग को काट दिया जाता है और उसकी जगह पर सेहतमंद स्किन के हिस्से को लगा दिया जाता है।

मोहस सर्जरी

मोहस सर्जरी में स्कीन  की परत को एक-एक कर निकाला जाता है और फिर ग्रसित सेल्स को हटा दिया जाता है।

इसे तब तक किया जाता है जब तक कैंसर के सभी सेल्स को शरीर से निकाल ना दिया जाये।

क्रायो सर्जरी (Skin cancer ka Ilaj)

इसे फ्रीजिंग भी कहते हैं क्योंकि यह एक तरह से जमाने की प्रक्रिया है। यह उन लोगों के लिए ज्यादा मददगार है जो लोग ऑपरेशन नहीं करवा सकते।

इस पद्धति में कैंसर को जमाने के लिए स्किन पे तरल नाइट्रोज़न छिड़का जाता है।  फिर घाव को कुछ दिन के लिए छोड़ देते हैं।

कुछ समय बाद कैंसर वाले ऊतक मर जाते हैं और फिर ठीक स्किन बच जाती है।

कीमोथेरेपी (Skin Cancer Treatment)

यह कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए प्रयोग में लायी जाती है।  इस प्रक्रिया में स्किन के ऊपरी भाग पर कैंसर रोधी दवाएं लगाई जाती है।

यह आमतौर पर 6 हफ्तों के लिए की जाती है और दिन में एक या दो बार दी जाती है।

फोटोडायनेमिक थेरेपी (Skin cancer Treatment )

इस थेरेपी में सिर्फ दवाएं ही नहीं बल्कि लेज़र लाइट का भी इस्तेमाल किया जाता है।

इसके लिए पहले शरीर में प्रकाश संवेदनशील क्रीम लगाई जाती है  और फिर उसे कुछ देर ऐसे ही छोड़ दिया जाता है।  कुछ घंटे बाद उस स्थान पे लेजर लाइट मरी जाती है।

इसे 4 हफ्ते तक देखा जाता है।  इसमें बीमार व्यक्ति को  कम से कम 2 महीने तक सीधा धुप में निकलने को मना किया जाता है।

रेडिओथेरेपी (Skin Cancer ka Ilaj)

रेडिओथेरेपी में कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए हाई पावर किरणों का इस्तेमाल किया जाता है।

इसका प्रयोग प्रायः तब किया जाता है जब सर्जरी सम्भव ना हो जैसे नाक पे , पलकों पे , कान पे।

तो ये थे कुछ स्किन कैंसर का इलाज (Skin cancer ka Ilaj ) के तरिके।

अब बात करते हैं कुछ ऐसे तरीकों की जो आप इस्तेमाल कर सकते हैं अगर आप को स्किन कैंसर के सिम्पटम्स (Skin cancer ke lakshan ) दिखाई दे रहें हैं तो।

घरेलू उपाय (Prevention of Skin Cancer in Hindi )

दिन की धूप को अवॉयड करें (Prevention of Skin Cancer in Hindi )

अगर आप स्किन कैंसर का पूरा आर्टिकल पढ़ेंगे तो पता चलेगा की इसका मुख्य कारण है दोपहर की सीधी धुप। तो ऐसे में कोशिश करें की दोप्र की तेज़ धुप में ना निकलें।

अगर आप निकल भी रहें हैं तो ध्यान रखें

– सन्सक्रीम लगा के निकलें (SPA 15 + और PA ++ वाली सन्सक्रीम ही लें )
– स्किन प्रॉपर कवर कर के निकलें
– धूप के चश्में पहन के निकलें ताकि आप की पलकों और आँखों को बचाया जा सके

दवाई (Prevention of Skin Cancer in Hindi )

कोई भी दवाई या नुस्खा खुद से ना आजमाएं पहले डॉक्टर से पूछ लें उसके इफेक्ट्स और साइड इफेक्ट्स समझ लें।

जाँच (Prevention of Skin Cancer in Hindi )

अगर आप को अपनी बॉडी पे कोई भी ऐसा लक्षण दिखाई देता है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ और जाँच करवाएं।

कैंसर इतिहास (Prevention of Skin Cancer in Hindi )

अगर आप के परिवार में या आप को भी पहले कभी कैंसर हुआ हो तो खासतौर पर ध्यान दें। अच्छा खाएं अच्छा पहनें और अच्छा जीवन जीएं।

मसाले वाला खाना (Prevention of Skin Cancer in Hindi )

हमेशा घर के सादे खाने को ही प्रेफर करें। कोशिश करें की आप को घर का ही बना हुआ खाना मिले। इस से आप का इम्यून सिस्टम स्ट्रांग होता है।

Wikipedia Link for Skin cancer

तो उम्मीद करता हूँ आप समझ गए होंगे स्किन कैंसर क्या है ? इसके लक्षण क्या है (Skin Cancer Ke Lakshan ) और क्या है इसका बचाव ? बाकि कोई सवाल सुझाव आप हमें कमेंट सेक्शन में पूछ या बता सकते हैं।