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मलेरिया के ये हैं इलाज, लक्षण , प्रकार और बचने के उपाय |Symptoms of Malaria in Hindi | Home remedies for Malaria in Hindi

Symptoms of Malaria/ Home remedies for Malaria in Hindi बरसात का मौसम आने के साथ ही एक समस्या भी साथ ले आता है “मलेरिया” । ऐसे में बहुत जरूरी है की आप को पता हो मलेरिया के ये हैं इलाज, लक्षण , प्रकार और बचने के उपाय। 

मलेरिया एक जानलेवा बीमारी बन सकती है अगर समय पर और सही तरिके से इसका इलाज ना किया जाये। 

अभी तो आप को बहुत ही ज्यादा जरूरत है किसी भी बीमारी से बचने की क्योंकि अभी तो कोरोना गया भी नहीं है।  ऐसे में कोई भी बीमारी आप को काफी डरा सकती है। 

तो ऐसे में जागरूकता बहुत ही ज्यादा जरूरी है। 

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मलेरिया क्‍या है? (Malaria kya hai ?)

मलेरिया का बुखार मच्छर के द्वारा फैलने वाली एक बीमारी है। 

यह बीमारी फीमेल एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है।

एनोफिलीज मच्छर ज्यादा खतरनाक इस लिए होते है क्योंकि इनमें में एक विशिष्ट प्रकार का जीवाणु पाया जाता जिसे “प्लाज्मोडियम” के नाम से जानते हैं।

जब यह मच्छर एक व्यक्ति को काटता है तो उसके शरीर में प्लाज्मोडियम नामक जीवाणु छोड़ जाता है। 

जो मानव शरीर में बहुत ही तेज़ी से वृद्धि करता है।  यह व्यक्ति के लिवर और रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करता है।  

अगर आप का इम्यून सिस्टम  कमज़ोर  है तो ये बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। 

मलेरिया के सिम्पटम्स  (Symptoms of Malaria in Hindi)

अगर आप को इनमे से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज ना करें ये मलेरिया के सिम्पटम्स हो सकते हैं।

  • कंपकंपी के साथ ठंड लगना
  • तेज बुखार आना जाना
  • सिरदर्द
  • बेहोशी
  • हाथ पांव में ऐंठन
  • गले में खराश
  • थका थका महशुश करना
  • बैचेनी
  • उल्टी आना
  • एनीमिया
  • मांसपेशियों में तीर्व दर्द
  • मल में खून आना
  • कमज़ोरी महशुश करना
  • पसीना आना

यहां ध्यान देने लायक बात ये है की ये लक्षण (Symptoms of Malaria) मरीज़ों में अलग अलग दिख सकते हैं ( in Hindi)

मलेरिया के प्रकार (Malaria ke prakar )

मलेरिया के मुख्य्तः 5 प्रकार  होते हैं (Malaria ke prakar) और उनके लक्षण भी उसी के अनुसार होते हैं।

प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम (P. Falciparum)

इस रोग में रोगी कभी भी होश खो देता है /बेसुध हो जाता है।  बेहोशी की हालत में वो बड़बड़ाना शुरू कर देता है। 

ऐसे में रोगी को ठंड लगती है और सर में ऐसा लगता जैसे सर दर्द से फ़टे जा रहा हो। साथ ही लगातार रोगी को उल्टी होती है। 

अगर समय पर इलाज ना मिले तो रोगी  की जान भी जा सकती है। 

सोडियम विवैक्स (P. Vivax)-

ज्यादातर लोग जिन्हें मलेरिया होता है वो इसी से ग्रसित होते हैं।  यह विवैक्स परजीवी के मच्छर के काटने से होता है। इस प्रजाति के मच्छर मुख्यतः दोपहर को ही काटते हैं।  

इस प्रकार के मलेरिया में 48 घंटे के बाद असर दिखता है।  

इस प्रकार के रोगी को कमर दर्द , सर दर्द , हाथ पैरों में दर्द रहता है साथ ही मरीज़ की भूक मर जाती है।  

प्लाज्मोडियम ओवेल मलेरिया (P. Ovale)

प्लास्मोडियम ओवेल एक परजीवी प्रोटोज़ोआ की प्रजाती है। इस प्रकार का मलेरिया बिनाइन टर्शियन मलेरिया को जन्म देता है।

इसके से ग्रसित रोगी को 48 घंटों तक या उस से ज्यादा बुखार , सिरदर्द रहता है।  साथ ही मतली की शिकायत भी रहती है।  

प्लास्मोडियम मलेरिया (P. malariae)

प्लास्मोडियम मलेरिया में मरीज को हर चौथे दिन बुखार आ जाता है। इस बीमारी में रोगी के शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाती है। 

क्योंकि रोगी के यूरिन से प्रोटीन निकलने लगता है।  साथ में शरीर में सूजन भी आ जाती है।  

प्लास्मोडियम नोलेसी ( P. knowlesi)

इस प्रकार का मलेरिया दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाता है। इस से पीड़ित रोगी को ठंड लगने के साथ- साथ बुखार रहता है। 

इसमें रोगी को सर दर्द रहती है साथ ही भूख में भारी गिरावट आती है।

मलेरिया का घरेलू उपाय (Home remedies for Malaria in Hindi )

अब जब हमने Symptoms of Malaria in Hindi और Malaria ke prakar आदि समझ लिया है। 

तो अब बात करते हैं  Home remedies for Malaria in Hindi वैसे भी किसी भी प्रकार की बीमारी हो देशी नुस्खों से उनका इलाज सम्भव है।  

तुलसी

 भारत में तुलसी का एक अलग ही महत्व है। तुलसीहर एक बीमारी में लग जाता है।  मलेरिया में जोड़ों में दर्द होता है, और तुलसी के पत्तों के नियमित सेवन से सूजन और जोड़ों के दर्द कम होता है।  

आप पत्तियों का सेवन चाय में भी कर सकते हैं।  आप इसके साथ शहद  का भी प्रयोग कर  सकते हैं।  

साथ ही बुखार होने पर आप तुलसी और काली मिर्च का पेस्ट भी बना सकते हैं। 

दालचीनी Home remedies for Malaria (in Hindi ) 

दालचीनी में सिनामाल्डेहाइड पाया जाता है। इसके सेवन से सूजन  में कमी आती है। मलेरिया के रोगी को जोड़ों का दर्द वा हाथ पैर का दर्द बहुत परेशान करता है। दालचीनी के प्रयोग से शारीरिक दर्द से छुटकारा मिलता है। 

आप दालचीनी को पानी में उबाल कर शहद के साथ ले सकते हैं।  

इसके नियमित सेवन से ऐंठन, मतली आदि  से छुटकारा मिलता है। 

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ग्रेपफ्रूट 

ग्रेपफ्रूट के रेगुलर इस्तेमाल से रोगी  की रोग प्रतिरोधक प्रणाली बेहतर होती है। इसमें क्विनाइन पाया जाता है जो मलेरिया के प्रजीवी को बेअसर करने का काम करता है। 

अदरक

अदरक के सेवन से रोगी को भूख में आयी कमी दूर हो जाती है। 

अदरक ना सिर्फ भूख बढ़ाता है बल्कि बुखार और शरीर में हो रहे दर्द से भी राहत दिलाता है। आप इसे पानी के साथ भी ले सकते हैं। 

कुछ चीज़ें जो मलेरिया का घरेलू उपाय (Home remedies for Malaria in Hindi ) के अलावा भी आप कर सकते हैं जिस से आप इस घातक बीमारी से बच सकते हैं।

Daily routine

– नियमित एक्सरसाइज करें ताकि आप की रोग प्रतिरोधक छमता अच्छी रहे
– साफ सफाई का ध्यान दें
– पानी जमा ना होने दें
– पूरे कपड़े पहनें
– मच्छर दिखे या लगे तो कछुआ चाप का प्रयोग करें
– अगर शिकायत जाय्दा लगे तो तुरंत नगर पालिक को शुचित करें

उम्मीद करता हूँ Symptoms of Malaria in Hindi आप के काम आएगा साथ ही आप को Home remedies for Malaria (in Hindi ) काम आएंगे।