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ये चीज़ें थायराइड के मरीज को कभी नहीं करनी चाहिए | Thyroid me kya khana chahiye

Thyroid me kya khana chahiye
Thyroid me kya khana chahiye

बिमारियों का क्या ? आज कल की भाग दौड़ भरी ज़िंदगी में किसे क्या हो जाये पता नहीं। ऐसे में जरूरी है की हमें बीमारी के बारे में सब पता हो। तो जिस बीमारी के बारे में आज हम बात करेंगे वो है thyroid। हम समझेंगे की thyroid kya hota hai ? thyroid ke symptoms और thyroid me kya khana chahiye ?

तो एक एक कर के समझते हैं इस खतरनाक बीमारी के बारे में ताकि आप और आपका परिवार इस से सुरक्षित रहें।

Table of Contents

Thyroid kya hota hai (थाइरोइड क्या होता है )

Thyroid गले के पास एक तितली के आकर की ग्रंथि होती है। यह आयोडीन का इस्तेमाल कर हमारे शरीर के लिए जरूरी हार्मोन ( टी3 टी4) का निर्माण करती है।

T4 (Thyroxin) :- यह थायराइड ग्रन्थि में बनने वाला मुख्य हार्मोन है।

Triiodothyronine (T3) :- जब T4 खून के साथ मिल कर अन्य भागों से गुजरता है तो Triiodothyronine (T3) में बदल जाता है।

टी3 टी4 दिल ,सांस,पाचन तंत्र और बॉडी के तापमान पर सीधा प्रभाव डालते हैं। इसके साथ ही ये दोनों कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित करते हैं।

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Thyroid se kya hota hai (थाइरोइड से क्या होता है ?)

थायराइड की परेशानी थायराइड ग्रंथि के बढऩे की वजह से होती है।

इसकी वजह से शरीर में हार्मोंस असंतुलित हो जाते हैं। ये असंतुलित हार्मोंस हमारे शरीर की कार्य प्रणाली जैसे बालों का बढ़ना , मूड , ऊर्जा का स्तर , यौन शक्ति , वजन आदि को असर करता है।

बाकी थाइरोइड से क्या होता है ये निर्भर करता है उसके प्रकार पे।

थायराइड कितने प्रकार के होते है  (Types of thyroid in Hindi )

थायराइड के मुख्यतः 4 प्रकार होते हैं | पर मुख्यतः इसके दो ही प्रकारों की बात की जाती है। (4 Types of thyroid in Hindi)

हाइपरथाइरॉयडिज़्म थायराइड (Hyperthyrodism thyroid )

इसमें हमारी थायरॉइड ग्रंथि T4  और T3 hormone  का आवश्यकता से अधिक उत्पादन करने लगती है। जिस कारण हमारे शरीर में हार्मोनल डिस्बैलेंस हो जाता है।

अल्पसक्रियता  थायराइड (Hypothyrodism thyroid )

इसमें हमारी थायरॉइड ग्रंथि T4  और T3 harmone  का आवश्यकता से  कम उत्पादन करने लगती है।

गोइटर थायराइड (Goiter thyroid)

आप इसे घेंघा रोग के नाम से जानते होंगे। यह शरीर में आयोडीन की कमी के कारण होता है। इस तरह की बीमारी में डॉक्टर आयोडीन की गोलियां देते हैं।

कुछ समय बाद जब आयोडीन का लेवल समान्या हो जाता है तो आप ठीक हो जाते हैं। यह रोग उन जगहों पे ज्यादा होता है जहां पानी में आयोडीन नहीं होता।

थायराइड कैंसर (Thyroid Cancer)

थायरॉइड में असामान्य कोशिकाएँ बढ़ना शुरू हो जाती हैं और, एक लेवल के बाद ये कैंसर का कारण बनता है।

तो ये थे आप के सवाल थायराइड कितने प्रकार के होते है  (Types of thyroid in Hindi )? का जवाब।

अब सवाल ये उठता है की आप के शरीर में थायराइड कितना होना चाहिए  (thyroid kitna hona chahiye)

थायराइड कितना होना चाहिए (Thyroid kitna hona chahiye) ?
Name Level
T0 इनका थायराइड में ज्यादा रोल नहीं होता है।  इसलिए थाइरोइड टेस्ट में इन्हें नहीं देखा जाता।
T1
T2
T3 100-200 ng/dL
T4 0.4 -4.0 mIU/L
TSH

 

अब समझ लेते हैं कैसे पता चले की आप को यह बीमारी है या नहीं यानि थाइरोइड के लक्षण (thyroid ke symptoms kya hai ) क्या है ?

थाइरोइड के लक्षण (Thyroid ke symptoms kya hai )

किसी भी बीमारी का पता करने के लिए ये जरूरी होता है की आप उसके सिम्पटम्स पहचानें और उस पर काम करें या मदद मांगे। इसके मुख्य लक्षण निम्न हैं :-

Hypothyrodism Thyroid ke symptoms kya hai (ह्य्पोथयरॉडिज़्म के लक्षण )

– थकवाट रहना
– बेचैनी सा रहना
– रूखी सुखी त्वचा
– कब्ज़
– ज़ुकाम-खांसी का रहना
– मांसपेशियां या जोड़ों में दर्द
– डिप्रेशन
– महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान ज्यादा दिनों तक रक्त बहाव
– दिल की धड़कन का कम होना
– वजन बढ़ना
– नाखूनों का टूटना
– पसीने का ना आना या कम आना
– सोचने में असमर्थ होना वा कन्फ्यूज रहना

Hyperthyroidism Thyroid ke symptoms kya hai (हाइपरथायराडिज़्म के लक्षण )

– हाथ-पैर में कंपकंपी
– घबराहट
– दिल की धड़कन तेज होना
– थकान
– पसीना अधिक आना
– बेचैनी
– नींद की कमी
– irregular पीरियड्स

Cuases of thyroid in Hindi (थाइरोइड होने के कारण)

इस से पहले की हम thyroid ka ilaj देखें पर पहले समझते हैं की थाइरोइड होता क्यों है (Cuases of thyroid in hindi)

टेंशन/तनाव : बड़े बुजरुग कह गए हैं ना “चिंता और चिता दोनों ही आदमी को खत्म कर देते हैं”

जब आप तनाव ज्यादा लेते हैं तो यह आप के थायराइड फंक्शन को बिगाड़ या खत्म कर देते हैं। कई लोगों को ज्यादा टेंशन लेने की वजह से इस बीमारी से दो चार होना पड़ता है।

विटामिन ए की कमी : विटामिन ए का एक कार्य टी 3 के स्तर को बढ़ाने और टीएसएच को सामान्य करने का है।  जब भी हमारे शरीर को विटामिन A नहीं मिलता तो यह एक कारण बन जाता है थाइरोइड का।

सेलेनियम : यह आपके लिवर में टी4 को टी3 में बदलने का कार्य करता है। जब शरीर में इसकी कमी हो जाती है तो टी4, टी3 में नहीं बदल पाता और नतीज़ा थायरॉयड।

आयोडीन : थायराइड हार्मोन के उत्पादन के लिए आयोडीन बहुत ही अहम भूमिका निभाता है।  पर अगर आयोडीन की ज्यादा या कम हो जाये तो भी थायराइड रोग पैदा करती है।

हार्मोन का असंतुलन : सभी हार्मोन एक दूसरे से जुड़े हुए होते हैं। अगर एक हार्मोन में भी कमी या अधिकता आती है तो वह डायरेक्टली – इनडाइरेक्टली दूसरे हार्मोन को इम्पेक्ट करता है।

तो अगर कभी भी किसी बीमारी या अन्य किसी कारण से आप की बॉडी में हार्मोन असंतुलित होते हैं तो यह थाइरोइड का कारण बनता है।

टॉक्सिन्स : उल्टा सिद्धा खाने से हमारे शरीर में कुछ ज़हरीले पदार्थ घुस जाते हैं। जैसे कि कीटनाशक, प्लास्टिक, जीवाणुरोधी उत्पाद और भारी धातुएं आदि।  यह सब आगे चल के थाइरोइड को जन्म देते हैं।

धूम्रपान : धूम्रपान तो हमेशा ही नुकशान करते हैं। धूम्रपान आप के शरीर हार्मोन से छेड़ छाड़ करता है जिस कारण आप को यह बीमारी हो सकती है।  साथ ही अगर यह बीमारी आनुवंशिक है तो धूम्रपान आप के लिए घातक साबित होता है।

आनुवंशिक :- अगर आप के परिवार में किसी को थाइरोइड है तो चान्सेस हैं की आप को भी इस बीमारी से दो चार होना पड़े।

Thyroid ka test kab karna chahiye /थायराइड  टेस्ट कब करवाना चाहिए

अगर आप को ऊपर दिए  लक्षण नज़र आ रहे हैं तो आप को तुरंत टेस्ट करवा लेना चाहिए साथ में निम्न व्यक्तियों को तो करवा ही लेना चाहिए।

-60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को
-गर्भवती महिला
-जिन्होंने गर्दन और सिर की रेडिएशन थेरपी कराई हो उन लोगों को
– जो लोग ऑटोइम्यून डिसऑर्डर से जूझ रहे हों उन्हें
-जिन्हें टाइप-1 डायबीटीज हो
-जिनके ब्लड में थाइरॉयड पैरॉक्सीडेज़ ऐंटिबॉडीज बनती हों
– जिनकी थाइरॉयड बीमारी संबंधी फैमिली हिस्ट्री हो

Thyroid Ka Ilaj (थाइरोइड का इलाज )

तो हर बार की तरह इस बार भी हम इलाज को दो भागों में लाये हैं |

१) Thyroid ka gharelu ilaj /Thyroid me kya khana chahiye
२) Thyroid me daily routine

तो चलिए एक एक कर के बात करते हैं।

Thyroid ka gharelu ilaj /Thyroid me kya khana chahiye

थाइरोइड दो प्रकार के होते हैं इस लिए इसमें क्या खाना चाहिए वो भी निर्भर करता है की आप को कौन सा थाइरोइड है।

Hyperthyroidism thyroid ka gharelu ilaj / Hyperthyroidism thyroid me kya khana chahiye

हाई कैलोरी फ़ूड :-

Hyperthyroidism में ऊर्जा की खपत ज्यादा होती है।  इस लिए आप को हाई कैलोरी फ़ूड लेना चाहिए।  इसके लिए आप आलू , दही , पनीर , केला , चिक्की आदि ले सकते हैं।

हाई प्रोटीन :-

Hyperthyroidism में आप का वजन कम होता है इस कारण मांसपेशियाँ कमज़ोर हो जाती है। हाई प्रोटीन फ़ूड से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसके लिए आप राज़मा , छोले , दही , अंडा आदि खा सकते हैं।

हाई फैट :-

हाई फैट वाले भोजन से एक तो आप के रोज़ की वसा की जरूरत पूरी होती है दुसरा इस से आप का वजन बढ़ता है।  इसके लिए आप मूंगफली , नारियल , स्मूथी आदि खा सकते हैं।

विटामिन D :-

कमजोरी की वजह से हड्ड़ियों पर भी असर पड़ता है।  इसके लिए आप को विटामिन D के विभिन्न स्रोतों को अपनी डेली डोज़ में ले सकते हैं।  आप रोज़ सूरज की रौशनी में बैठ सकते हैं।

सेलेनियम :-

यह थाइरोइड के लेवल को संतुलित करता है और आप को थाइरोइड की बीमारी से निज़ात दिलाता है।

हरी सब्ज़ियाँ :-

कुछ हरी सब्ज़ियाँ थाइरोइड हार्मोन के उत्पादन को कम करते हैं।  इसके लिए आप ब्रोकली ,फूल गोभी आदि खा सकते हैं।

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Hypothyrodism thyroid ka gharelu ilaj / Hypothyrodism thyroid me kya khana chahiye

अनाज :-

यह  एक ऐसी स्तथि होती है जिसमें हमारा शरीर पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन नहीं करता। इस लिए Hypothyrodism के केस में हमें अधिकांश पोषक तत्वों के परिपूर्ण अनाज शामिल करना चाहिए।

इसके लिए आप बाजरा , क्विनोआ आदि ले सकते हैं।

फल सब्ज़ी :-

आप को एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल व सब्ज़ियों का सेवन करना चाहिए।  आप ब्लूबेरी , टमाटर आदि का प्रयोग कर सकते हैं।

विटामिन B :- विटामिन B वाले खाद्य पदार्थ थायराइड ग्रंथि को स्वास्थ्य रखने में मदद कर सकते हैं।

टायरोसिन युक्त खाना :- यह एमिनो एसिड का एक प्रकार है, इसका प्रयोग थायराइड ग्रंथि द्वारा ट्राईआयोडोथायरोनिन टी 3 और थायरोक्सिन टी 4 हार्मोन का उत्पादन करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके अच्छे सोर्स डेरी प्रोडक्ट्स माने जाते हैं।

ये चीज़ें थायराइड के मरीज को कभी नहीं करनी चाहिए /Thyroid me daily routine

– धूम्रपान को कहें ना
– ज्यादा नमक, मशाले वाला खाना को कहें ना
– ज्यादा स्ट्रेस फुल लाइफ जीने को कहें ना
– कम नींद लेने को कहें ना
– मील स्किप करना
– खुद डॉक्टर ना बने एक बार डॉक्टर से पूछ लें
– रोज़ एक्सरसाइज करें

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उम्मीद करते हैं आप को ये आर्टिकल मदद करेगा। बाकि आप हमेशा डॉक्टर से कंसल्ट कर के ही दवा लें।

Thyroid me kya khana chahiye या Thyroid ke symptoms kya hai अगर आप को और पता है तो आप कमेंट में अपने सुझाव फीडबैक हमें बताएं।