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विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस क्यों मनाया जाता है? | World Nature Conservation Day 

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का महत्व (World Nature Conservation Day)

मनुष्य ने आज बहुत प्रगति कर ली है | परन्तु इस प्रगति में वो अपनी प्रकृति को कही भूल सा गए है | आज प्रकृति ख़तरे में है 

 मनुष्य ये नहीं सोच रहा है के इस का कितना भयानक परिणाम हो सकता है |  पृथ्वी पर मानव जीवन के लिए पानी, हवा, मिट्टी, खनिज, पेड़, जानवर, भोजन आदि  मूलभूत आवश्यकताएं है | जो मानव जीवन के लिए बहुत ही जरूरी है |

परन्तु आज इन सब का बहुत ही अधिक मात्रा में दोहन हो रहा है | जिस से  प्रकृति को नुकसान हो रहे है |

आज ये बहुत जरुरी है की हम अपनी प्रकृति को स्वच्छ और स्वस्थ रखें। प्रकृति के इन्ही संसाधनों के बचाव के लिया जागरूकता पैदा करने के लिए प्रति वर्ष 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस (World Nature Conservation Day) मनाया जाता है।

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का उद्देश्य है की  प्रकृति को नुकसान पहुँचाने वाले कारकों जैसे – प्रदूषण, जीवाश्म ईंधन का जलना, जनसंख्या- दबाव, मिट्टी का क्षरण और वनों की कटाई आदि को लेकर लोगों को आगाह करना और प्राकृतिक संसाधनों जैसे – जल, ईंधन, वायु, खनिज, मिट्टी, वन्यजीव आदि के संरक्षण के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना है।

पृथ्वी को जीवित रखने के लिए मनुष्यों के साथ–साथ पशु–पक्षी पेड़-पौधों का जीवित रहना भी अत्यंत आवश्यक है।

आज जीव जंतुओं तथा पेड़ पौधों की कई ऐसी प्रजातियां है जो विलुप्त हो गए है होने की कगार पर हैं। इसलिए जरुरी है की प्राकृतिक की रक्ष की जाए , और सब जीवो और संसाधनों की सुरक्षा की जाए | 

प्रकृति के खिलाफ कार्य हो रहा है 



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आज मानव के कारण प्रकृति पर कई  तरह के संकट पैद हो रहे है | हमारे आवास और बस्तियां जंगल को काट कर बनया जा रहे है जो की जानवरो के घर हुआ करते थे |

आज जंगल ख़त्म से हो गए है | आज उद्योग और वाहन इतना धुंआ उगल रहे हैं कि दुनिया का तापमान बढ़ रहा है जिससे अधिकांश जीवों के लिए जीना मुश्किल होता जा रहा है | 

कई प्रजातियां को तो  शिकार के नाम पर ही विलुप्त कर दी हैं | हमारी गतिविधियों ने प्राकृतिक पर ऐसा असर डाला है कि आज जलवायु और मौसम हमारे साथ अन्य जीवों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है | 

मानव को जागरूकता की जरूरत है 

क्या इंसान प्रकृति के साथ मिला कर नही सकता है? और क्या वाकई इंसान प्रकृति का दुश्मन है?  इसका  जवाब है हां |

इस स्थिति में जरुरी है की इंसान  प्रकृति को समझे इसके लिए  जागरूकता की आवश्कत है | इससे प्रकृति और मानव दोनों का भला हो सकता है |

  यहीं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का महत्व है | अगर हमें हालात को ठीक से समझें और अपने गतिविधियों को प्रकृति के अनुकूल कर दें तो सारी समस्याएं अपने आप ही सुलझ  सकती हैं और अब भी देर नहीं हुई है | अब भी सब ठीक हो सकता है | 

तो  हम को क्या करना होगा 

हमें अपने कार्यों और गतिविधियों को ठीक करना होगा | उन्हें हम को प्रकृति के अनुकूल बनाना होगा |

  हमारे अपने मकान और बस्तियां को  ऐसी बनाना होगा  जो दूसरे जानवरों के प्राकृतिक आवास में दखल ना दें | 

हमे हमारे उद्योग , वाहन , से जलवायु और मौसम को बिगाड़ने का काम नहीं करना चाहिए |  हम जितना हो सके प्रकृति के करीब ही रहें और विकास की अंधी दौड़ में प्रकृति से दूर जाने का काम ना करें | 

प्रकृति को समझे उस का हमरे लिए क्या  महत्व है | इस के  प्रति जागरूक रहे यह सब हम आसानी से कर सकेंगे | विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस इसी दिशा में एक अवसर की तरह है |